बागवानों के लिए उद्यान विभाग अब हिमाचल प्रदेश सब ट्रॉपीकल हार्टिकल्चर इरिगेशन एंड वेल्यू एडिशन प्रोजेक्ट शुरू करेगा। विभाग सूबे के पांच जिलों में इसे लागू करेगा। इस एचपी-शिवा (एचपी-एसएचआईवीए) प्रोजेक्ट के प्रथम चरण में बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, कांगड़ा और मंडी जिले को कवर किया जाएगा।
उद्यान विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत बागवानों की फसलों को बचाने के लिए धरातल से छह फीट ऊंचाई तक कंटीली तारें लगाने के साथ इनके ऊपर सोलर फेंसिंग की जाएगी, ताकि लावारिस पशु और अन्य जानवर फसलों को नुकसान न पहुंचा सकें। इससे पहले सोलर फेंसिंग को जानवर तोड़ देते थे।
बताया जा रहा है कि बागवानों के लिए इस प्रोजेक्ट के तहत निशुल्क सेवाएं दी जाएंगी। प्रोजेक्ट के तहत बागवानों को सिंचाई सुविधा के लिए चैकडैम भी बनाए जाएंगे। जहां-जहां आईपीएच विभाग की सिंचाई स्कीमें हैं, उनका भी इस प्रोजेक्ट के तहत इस्तेमाल किया जा सकता है।
जिन-जिन स्थानों पर प्रोजेक्ट को शुरू किया जाएगा, उन स्थानों की पूरी तरह से जांच की जाएगी कि जमीन फसल के लिए उपयुक्त है, सिंचाई सुविधा हो सकती है या नहीं। इन बातों को ध्यान में रखकर ही इस प्रोजेक्ट को शुरू किया जाएगा। एक टीम भी गठित की गई है, जो इसका जायजा लेगी।
इस प्रोजेक्ट के तहत जिलों में बागवानों के क्लस्टर बनाने के लिए विभाग ने कवायद तेज कर दी है। इस संबंध में उद्यान एवं बागवानी विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक पवन ठाकुर ने कहा कि एचपी-शिवा प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही बागवानों को इस प्रोजेक्ट का लाभ मिलेगा। यह प्रोजेक्ट बागवानों के लिए वरदान साबित होगा।