प्रदेश सरकार ने कंपनी के माध्यम से लगे आईटी शिक्षकों को लंबित वेतन जारी कर बड़ी राहत प्रदान की है। स्कूलों में तैनात करीब 1500 आईटी शिक्षकों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है।
ये शिक्षक चंडीगढ़ की नाइलेट कंपनी के माध्यम से भर्ती किए गए हैं। शनिवार को प्रधान सचिव शिक्षा ने विभाग की साप्ताहिक बैठक में वेतन जारी किया। सरकार ने दो करोड़ रुपए जारी करने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा विभाग के बजट में इन शिक्षकों के लिए बजट का अलग से प्रावधान न होने के कारण हर बार इन शिक्षकों को विभाग समय पर मानदेय नहीं दे पाता है। इन शिक्षकों को आईटी की शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थियों की फीस से वेतन दिया जाता है।
हर महीने यह फीस करीब 90 लाख रुपए मिलती है, जबकि शिक्षकों को सवा करोड़ रुपए की आवश्यकता रहती है। विभाग की कंपनी से हुए करार के तहत विभाग को फीस राशि पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त राशि कंपनी को देनी होती है, लेकिन यह गैप बढ़ने के कारण कंपनी शिक्षकों को वेतन नहीं दे रही है।
विभाग के अनुसार यह वेतन उन्हीं शिक्षकों को मिलेगा जिनकी हाजिरी कंपनी के पास गई होगी। जिन शिक्षकों की हाजिरी कंपनी को नहीं मिली होगी उन्हें वेतन से वंचित रहना पड़ सकता है।
प्रधान सचिव अली रजा रिजवी ने बताया कि आईटी शिक्षकों के मानदेय का 2 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं। विभाग के पास पर्याप्त बजट नहीं होने के कारण अन्य मद से यह राशि जारी की गई है।