हिमाचल में बारिश ने अब कहर बरपाना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भारी हुई है। शिमला जिले के चौपाल और कुल्लू के निरमंड में बादल फटने से सेब के बगीचे और सड़कें ध्वस्त हो गई हैं।
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश भर में छोटी-बड़ी 126 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। एचआरटीसी के करीब 30 रूट प्रभावित हुए हैं। कई बसें फंस गई हैं। कई इलाकों का संपर्क कट गया है।
राजधानी शिमला और आसपास 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। इससे जगह-जगह भूस्खलन व पेड़ गिरने के कारण सड़कें बंद हो गई हैं। कांगड़ा-पठानकोट रेल ट्रैक भी अवरुद्ध हो गया है। कालका-शिमला रेल ट्रैक भी बाधित रहा है।
चौपाल में फटा बादल
चौपाल उपमंडल की थरोच पंचायत के कुटांगन और मड़ावग में रविवार देर रात बादल फटने से भारी नुकसान हुआ। जंगल में बादल फटने से नाले में आई बाढ़ से सेब बगीचे तबाह हो गए हैं।
पेयजल योजनाओं और सड़कों को भी क्षति पहुंची है। कुटांगन में जेसीबी मशीन तेज बहाव में बह गई। 27 घरों और कई गौशालाओं को नुकसान पहुंचा है। 30 हेक्टेयर भूमि बह गई है। सुदाड़ा स्कूल को नुकसान पहुंचा है। नायब तहसीलदार नेरवा सोमदत्त ने इसकी पुष्टि की है।
कुल्लू में बादल फटा, सड़क बही
कुल्लू जिले के निरमंड के ठारवा गांव में बादल फटने से 100 मीटर सड़क बह गई। इससे सेब सीजन में ऊपरी क्षेत्रों का संपर्क कट गया है।
हालांकि मौसम विभाग की भविष्यवाणी को देखते हुए क्षेत्र में हालात और बेकाबू हो सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार 29 एवं 30 जुलाई को प्रदेश के मध्यम ऊंचाई और मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। प्रदेश में तीन अगस्त तक बारिश का दौर चलता रहेगा।
नदियां उफान पर, अलर्ट
हिमाचल में लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जल स्तर बढ़ गया है। ब्यास, सतलुज एवं यमुना नदियां खतरे के निशान पर बह रही हैं।
ब्यास के जलस्तर को देखते कुल्लू में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। मंडी में पंडोह और लारजी डैम के गेट बार-बार खोलने पड़ रहे हैं। पौंग डैम का जलस्तर 1328.38 फुट पहुंच गया है।
दो दिन और भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डा. मनमोहन सिंह का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बारिश हो सकती है।