प्रदेश भर के करीब दो हजार छात्रों के भविष्य पर स्कूल शिक्षा बोर्ड की तलवार लटक गई है। मैट्रिक और जमा दो की अनुपूरक परीक्षा की कम फीस भेजने पर विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम रुक सकता है।
इन दोनों कक्षाओं में प्रदेश भर से दो हजार के करीब विद्यार्थियों ने तीन सौ के बजाय दो सौ रुपये ही फीस स्कूल शिक्षा बोर्ड को भेजी है। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दसवीं और जमा दो की कंपार्टमेंट परीक्षा का आयोजन सितंबर की बजाय जुलाई माह में किया।
ऐसा इसलिए किया गया ताकि बच्चों को आगामी परीक्षाओं की तैयारी करने में परेशानी न हो। बोर्ड की इस व्यवस्था के बाद भी प्रदेश भर के छात्र कम फीस भेजने से अधर में लटक गए हैं।