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30 जून तक होटल कारोबारियों को 11 फीसदी ब्याज पर मिलेगा ऋण

Fri, 16 Apr 2021 11:07 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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आर्थिक संकट से जूझ रहे प्रदेश के होटल कारोबारियों को सरकार 30 जून तक 11 फीसदी ब्याज पर चार साल के लिए ऋण देगी। ऋण की अवधि चार वर्षों के लिए होगी, जिसमें पहले दो वर्षों तक ब्याज में हर वर्ष 50 फीसदी छूट होगी। पहले दो वर्ष प्रदेश सरकार 50 फीसदी ब्याज चुकाएगी। हिमाचल दिवस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह घोषणा की। ऋण लेने के लिए जिला पर्यटन अधिकारी के पास आवेदन करने होंगे। कोविड 19 महामारी के कारण प्रभावित हुए पर्यटन उद्योग को दोबारा पटरी पर लाने के लिए बीते वर्ष मंत्रिमंडल ने इस योजना को मंजूर किया है। 31 मार्च 2021 तक योजना को लागू किया गया था। 

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 अब दोबारा से सरकार ने इस योजना का लाभ देने का फैसला लिया है। तीस जून तक सरकार ने योजना की अवधि को बढ़ा दिया है। पर्यटन विभाग के पास पंजीकृत इकाइयों को ही ऋण मिलेगा। राज्य सहकारी बैंक, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक, जोगिंद्रा सहकारी बैंक और व्यावसायिक बैंकों के माध्यम से ऋण दिए जाएंगे। एक करोड़ रुपये का जीएसटी चुकाने वाली पर्यटन इकाइयां 50 लाख रुपये तक के अधिकतम ऋण के लिए पात्र होंगी। एक करोड़ रुपये से अधिक और तीन करोड़ रुपये तक जीएसटी चुकाने वाली पर्यटन इकाइयां 75 लाख रुपये तक ऋण लेने और तीन करोड़ रुपये से अधिक जीएसटी देने वाली पर्यटन इकाइयां एक करोड़ रुपये तक ऋण लेने के लिए पात्र होंगी। छोटी पंजीकृत पर्यटन इकाइयां 15 लाख रुपये तक के ऋण के लिए पात्र होंगी।      

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175 रुपये प्रति किलोवॉट होता है मांग शुल्क

बिजली बिलों में मांग शुल्क को 175 रुपये प्रति किलोवॉट के हिसाब से तय किया जाता है। होटलों में कम से कम 100 किलोवॉट तक क्षमता के बिजली मीटर लगाए जाते हैं। बड़े निजी स्कूलों में भी इसी तर्ज पर बिजली कनेक्शन लगाए जाते हैं। सौ किलोवॉट का कनेक्शन लेने पर 17.5 हजार रुपये का मांग शुल्क चुकाना पड़ता है। बिजली प्रयोग करने या ना करने दोनों स्थिति में मांग शुल्क को चुकाना ही पड़ता है। सरकार ने दो माह के लिए मांग शुल्क को स्थगित किया है। दो माह के बाद इस शुल्क को बिना विलंब शुल्क के आसान किस्तों में लिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से होटल कारोबारियों और निजी स्कूल प्रबंधकों को दो माह के लिए हल्की राहत मिली है।

डिमांड चार्ज खत्म करने की जगह माफ किया जाए : सेठ
टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ ने सरकार से होटलों तथा अन्य पर्यटन इकाइयों से बिजली के बिलों पर लगने वाले डिमांड चार्ज को स्थगित करने की जगह खत्म करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही आखिरी सांसें लेते हुए पर्यटन  कारोबार को सरकार की तरफ  से कोई मदद न कि गई तो पर्यटन उद्योग पूरी तरह से डूब जाएगा। इसका असर सारे हिमाचल के कारोबारियों पर पड़ेगा। सरकार का  खजाना भी इससे  अछूता नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जीडीपी का आठ फीसदी से भी अधिक हिस्सा पर्यटन से ही आता है।
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