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हिमाचल बागवानी विभाग: प्रोमालिन और परलान रसायन विक्रेता नपेंगे

Mon, 21 Mar 2022 10:19 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ गैर पंजीकृत विक्रेता अनधिकृत रूप से प्रोमालिन और परलान जैसे रसायन किसानों को इस दावे के साथ बेच रहे हैं कि इन रसायनों का गुलाबी कली पर इस्तेमाल और छिड़काव करने से सेब की गुणवत्ता और
उत्पादन में बढ़ोतरी होती है। इन विक्रेताओं के विरुद्ध राज्य सरकार कार्रवाई करेगी। 
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प्रतिबंधित रसायन(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में प्रोमालिन और परलान जैसे प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर (पीजीआर) रसायन बेचने वाले नपेंगे। इन विक्रेताओं के विरुद्ध राज्य सरकार कार्रवाई करेगी। बागवानों से कहा गया है कि वे विभाग की ओर से अनुमोदित छिड़काव सारिणी के अनुसार ही रसायनों का इस्तेमाल करें।  विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ गैर पंजीकृत विक्रेता अनधिकृत रूप से प्रोमालिन और परलान जैसे रसायन किसानों को इस दावे के साथ बेच रहे हैं कि इन रसायनों का गुलाबी कली पर इस्तेमाल और छिड़काव करने से सेब की गुणवत्ता और उत्पादन में बढ़ोतरी होती है।

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कीटनाशक अधिनियम 1968 और केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड ने इन रसायनों को अनुमोदित नहीं किया है। डॉ. वाईएस परमार बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालय नौणी सोलन ने इन रसायनों का फल पर उपयोग करने के लिए परीक्षण और अनुमोदन नहीं किया है। कुछ रसायन विक्रेता और फल उत्पादक संघ अपने निजी स्वार्थों के कारण इन रसायनों की अनधिकृत बिक्री कर रहे हैं। प्रवक्ता ने बताया कि यदि कोई रसायन विक्रेता अनाधिकृत रसायनों को विक्रय करते हुए पाया है तो उसके विरुद्ध कीटनाशक अधिनियम 1968 की धारा 29 में कार्रवाई की जाएगी। ऐसे रसायन विक्रेताओं का लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाएगा।

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