फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल बनेगा बीज आत्मनिर्भर राज्य, किसानों की आय होगी दोगुना

Fri, 06 Aug 2021 08:00 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि किसानों को कौन सी फसल प्रमोट करनी है, उनकी आय दोगुनी करनी है। सरकार इस पर काम कर रही है। हिमाचल में हर साल विभिन्न फसलों के करीब 20 हजार मीट्रिक टन बीज की खपत हो रही है।
विज्ञापन
कृषि, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल को जल्द बीज आत्मनिर्भर राज्य बनाया जाएगा। कृषि, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने यह बात शुक्रवार को विधानसभा में नियम-62 के तहत विधायक अरुण कुमार की ओर से मौसम और बीमारी के कारण कांगड़ा में किसानों की आलू की फसल बर्बाद संबधित प्रस्ताव के जवाब में दी। कहा कि किसानों को कौन सी फसल प्रमोट करनी है, उनकी आय दोगुनी करनी है। सरकार इस पर काम कर रही है। हिमाचल में हर साल विभिन्न फसलों के करीब 20 हजार मीट्रिक टन बीज की खपत हो रही है। इसमें सिर्फ  8 हजार मीट्रिक टन बीज ही हिमाचल में पैदा हो रहा है। शेष बीज हिमाचल को बाहरी राज्यों से लेना पड़ रहा है। सरकार ने प्रदेश को आलू, मटर, टमाटर, अदरक, लहसुन और अन्य प्रकार के बीजों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने का निर्णय लिया है।

विज्ञापन


इसके लिए प्रदेश सरकार राष्ट्रीय बीज निगम से बातचीत कर रही है और जल्द प्रदेश सरकार और निगम के बीच एक एमओयू साइन होगा। आलू उत्पादक क्षेत्रों में एक टीम भेजने का निर्णय लिया है। यह टीम किसानों को आलू उत्पादन की आधुनिक तकनीकों और रोगों से बचाने के लिए जानकारी उपलब्ध करवाएगी। आलू की फसल को मौसम की मार से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए इसे नवीनतम मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत लाया गया है। मौजूदा समय में 23 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाता है, जिसमें 7 अनाज, 5 दलहन, 7 तिलहन व 4 व्यावसायिक फसलें आती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आलू की खेती लगभग 15,100 हेक्टेयर क्षेत्र में की जाती है और इसका उत्पादन लगभग 1,96,300 मीट्रिक टन होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें