जिला बिलासपुर की कुमझवाड़ पंचायत के पलेला गांव में तीन मंजिला कच्चा मकान ढहने से मलबे में बुजुर्ग दंपती दब गया। ग्रामीणों ने उन्हें तुरंत मलबे से निकालकर जिला अस्पताल बिलासपुर में भर्ती करवाया। इसके अलावा मकान की धरातल मंजिल में बांधी गई सात बकरियां मलबे में दब कर मर गईं। उधर, कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर मंडी-पंडोह के बीच चार मील के पास सुबह 7:30 बजे चलती ऑल्टो कार पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से कार सवार चाची और भतीजा जख्मी हो गए। दोनों अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
मंडी की लडभड़ोल की दलेड़ पंचायत के नागण में दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। तहसीलदार ने मौके पर पहुंच कर परिवार को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है। शिमला-परवाणू फोरलेन पर कई जगह पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है। कुछ जगह नेशनल हाईवे वनवे भी हुआ है। नाहन-शिलाई एनएच भी भूस्खलन से प्रभावित है। सिरमौर जिला के कुछ क्षेत्रों में वीरवार को बाढ़ आने की चेतावनी जारी की गई है। वीरवार को भी प्रदेश में बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। मंगलवार रात को धर्मशाला, कांगड़ा, नारकंडा, सुजानपुर, पालमपुर और रामपुर में बादल बरसे। 18 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का पूर्वानुमान है। बुधवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। राजधानी शिमला में सुबह के समय धूप खिली। दोपहर को बूंदाबांदी हुई। शाम को शहर में धुंध छा गई। प्रदेश में 75 सड़कें, 19 बिजली ट्रांसफार्मर और 105 पेयजल योजनाएं ठप हैं।
उधर, जिला बिलासपुर के पलेला गांव के तोता राम और उनकी पत्नी बर्फी देवी मंगलवार रात को अपने कच्चे मकान की तीसरी मंजिल स्थित रसोई में मौजूद थे। इसी दौरान मकान अंदर से भरभरा कर ढह गया। जोरदार आवाज सुन कर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने मलबे में दबे पति-पत्नी को निकाला और एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। उधर, मंगलवार रात को शिमला में न्यूनतम तापमान 17.5, कल्पा में 15.6, धर्मशाला में 20.5, ऊना में 24.0, नाहन में 23.7, सोलन में 22.5, मनाली में 19.2, कांगड़ा में 22.4, मंडी में 24.1, बिलासपुर में 25.3, हमीरपुर में 25.0 और चंबा में 25.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।