हिमाचल प्रदेश में कुदरत ने कहर बरपाया हुआ है। पहले बारिश हुई अब भूस्खलन हो रहा है। भूस्खलन की वजह से मलबा रोड पर आ रहा है। ऐसे में रास्ते बंद हो रहे हैं। अब चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे मंडी पंडोह के बीच दो दिन तक बंद रहेगा। मंडी के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए ड्यूटियां लगाई गई हैं।
विज्ञापन
पंडोह और गोहर के बीच में सड़क को दो-दो घंटे के लिए एक तरफा चलाएं। भारी तथा हल्के सभी वाहनों को वापस भेजा जाए। दोनों तरफ चलाने का रिस्क ना लें, नहीं तो अनिवार्य रूप से जाम लगेगा। जैसा पिछले दिनों हुआ है। एसपी ने संबंधित एसओ को आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बटालियन की दो रिजर्व हमारे पास उपलब्ध है। मंडी से पंडोह नेशनल हाईवे छ मील पर दोबारा भूस्खलन के कारण बंद हो गया है।
पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। इससे बड़ा हादसा होने का खतरा लगातार बना हुआ है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि पहले इन सभी चट्टानों व पत्थरों, अटके हुए मलबे को हटाकर नेशनल हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुरक्षित बनाया जाएगा, इसके लिए नेशनल हाईवे आज पूरा दिन और संभवतया कल भी कार्य पूरा होने तक बंद ही रखा जाएगा।
विज्ञापन
मंडी पुलिस के अनुसार ट्रैफिक को वाया चैलचौक तथा कटोला चलाया जा रहा है। हालांकि कटोला सड़क भी घोड़ाफार्म में बाधित है, लेकिन इसे जल्द खोला जाएगा। बाया कटोला मार्ग पर केवल हल्के वाहन दोनों तरफ से चलेंगे। वाया चैलचौक पंडोह होते हुए दोनों तरफ हल्के तथा भारी वाहन पंडोह तथा चैलचौक के बीच में दो-दो घंटे के लिए एकतरफा चलाए जाएंगे, यह सिलसिला तब तक चलेगा जब तक एनएच बहाल नहीं हो जाता।
छह अगस्त तक कालका-शिमला के बीच सभी ट्रेनें स्थगित
उधर, कालका-शिमला धरोहर रेलवे ट्रैक पर 6 अगस्त तक के लिए सभी ट्रेनें स्थगित कर दी गई हैं। सोलन और कालका के बीच रेल ट्रैक पर जगह-जगह भूस्खलन, पेड़ और पत्थर गिरने से ट्रैक प्रभावित होने के चलते यह निर्णय लिया गया है।
हालांकि, शिमला से सोलन तक ट्रैक को ट्रेनों के संचालन के लिए दुरुस्त कर दिया गया है। उत्तर रेलवे की शिमला और सोलन के बीच लोकल ट्रेन चलाने की भी योजना है। बता दें कि 9 जुलाई से कालका-शिमला हैरिटेज रेल ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन बंद है।
रेल लाइन पर सोलन और कालका के बीच जगह-जगह हुए भूस्खलन के चलते गाड़ियों का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा। रेल लाइन को गाड़ियों के संचालन के लिए ट्रैक को दुरुस्त करने का काम 9 जुलाई से चल रहा है और मौजूदा समय में शिमला से सोलन तक ट्रैक को गाड़ियों के लिए फिट घोषित कर दिया गया है।
रेल सेवा बहाल करने के लिए शिमला और सोलन के बीच बकायदा इंजन का ट्रायल भी हुआ है। लेकिन, सोलन से कालका तक अभी भी ट्रैक गाड़ियों के लिए ठीक नहीं हुआ है। सोलन से धर्मपुर के बीच पेड़ गिरने, कोटी और सोलन के बीच दो जगह भूस्खलन, धर्मपुर और कुमारहट्टी के बीच भूस्खलन और जल जमाव, सोलन और धर्मपुर स्टेशनों के बीच जल जमाव और भूस्खलन, धर्मपुर सलोगड़ा और कोटी के बीच रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन और पेड़ गिरने से रेल की आवाजाही बंद है।
कुछ जगहों पर रेल ट्रैक को भी नुकसान पहुंचा है जिसके कारण रेल सेवा बहाल करने के लिए अगले 3 हफ्तों के लिए गाड़ियाें की आवाजाही रोकने का फैसला लिया गया है। 21 दिन बाद 6 अगस्त को ट्रैक का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में यदि ट्रैक गाड़ियों के संचालन के लिए सही पाया गया तो रेल सेवा बहाल की जाएगी। फिलहाल, शिमला और सोलन के बीच लोकल ट्रेन चलाने की योजना है। उत्तर रेलवे अंबाला मंडल को इस पर फैसला लेना है।
सोलन और कालका के बीच भूस्खलन, पेड़ और पत्थर गिरने से ट्रैक गाड़ियों के संचालन के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है। इसे देखते हुए 6 अगस्त तक गाड़ियों का संचालन स्थगित किया गया है। शिमला और सोलन के बीच ट्रॉयल के दौरान ट्रैक सही पाया गया है। शिमला और सोलन के बीच ट्रेन चलाने की संभावना तलाशी जा रही है। - मनदीप सिंह भाटिया, मंडल रेल प्रबंधक, अंबाला