येलो अलर्ट के बीच सोमवार को भी प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी रहा। राजधानी शिमला में शाम करीब पांच जमकर ओलावृष्टि हुई। ऊपरी शिमला के कई क्षेत्रों में भी ओले गिरने से सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने मंगलवार को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना जताई है।
22 और 23 अप्रैल को मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। 24 से दोबारा बादल बरसने के आसार जताए गए हैं। राजधानी शिमला में सोमवार सुबह से ही बादल छाए रहे। दोपहर के समय हल्की बूंदाबांदी होने के बाद शाम के समय जमकर ओलावृष्टि हुई। इससे शहर के मौसम में ठंडक बढ़ गई है। कुल्लू और लाहौल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी सोमवार को बर्फबारी का दौर जारी रहा। निचले इलाकों में बारिश होने से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। उधर, पहाड़ों में हो रही ताजा बर्फबारी आम लोगों के साथ बीआरओ के लिए भी परेशानी बन गई है।
अप्रैल में जारी बारिश और बर्फबारी ने किसानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। प्रदेश के कई क्षेत्रों में सोमवार दोपहर बाद बादल बरसे। सोमवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की कमी दर्ज हुई। ऊना में अधिकतम तापमान 30.0, कांगड़ा-नाहन में 29.1, हमीरपुर में 28.3, बिलासपुर में 28.5, सोलन में 26.3, धर्मशाला में 26.2, शिमला में 18.1 और केलांग में 10.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रविवार रात को केलांग में न्यूनतम तापमान माइनस 0.2, कल्पा में 1.3, मनाली में 2.4 और शिमला में 9.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।