सोलन के ब्रोकली उत्पादक कोरोना की मार झेल रहे हैं। इसमें लगाई गई ब्रोकली सही दाम ही नहीं मिल पा रहे हैं। इससे उनकी लागत भी पूरी नहीं हो रही है। यही नहीं आगामी दिनों में भी कोई उम्मीद नजर न आने पर किसानों ने ब्रोकली की फसल खेतों से उखाड़ना शुरू कर दिया है। दूसरी फसलों की रोपाई की तैयारी करने लग गए हैं।
ब्रोकली का अधिक प्रयोग थ्री स्टार, फाइव स्टार, बड़े होटलों, शादी सहित अन्य बड़े समारोह में होता है, लेकिन लॉकडाउन और कर्फ्यू के चलते सभी समारोह सहित होटलों को बंद किया गया है। इससे ब्रोकली की मांग भी न के बराबर हो गई है, जिसके कारण किसानों को भी इसके दाम नहीं मिल रहे है। लॉक डाउन से पहले ब्रोकली सब्जी मंडी सोलन में 30 से 40 रुपये और बाहरी राज्यों की बड़ी मंडियों में 50 से 60 रुपये प्रति किलों के हिसाब से भी बिक रही थी, लेकिन अब यह दाम आठ से दस रुपये तक पहुंच गया है,
खरीदारों की कमी से गिरे दाम
मंडी समिति सोलन के सचिव रविंद्र शर्मा ने बताया कि ब्रोकली की अधिक खपत बड़े होटलों, शादी, सहित अन्य बड़े सामारोह में होती है। लॉक डाउन के चलते इसके खरीदार बहुत कम हो गए हैं। इससे इसके दाम भी कम हो गए है। मंडी में ब्रोकली दस रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बिक रही है।