427 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित
उधर, सोमवार सुबह 10:00 बजे तक राज्य में जगह-जगह भूस्खलन से एक नेशनल हाईवे सहित 109 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। इसके अतिरिक्त 427 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित चल रहे हैं। सबसे ज्यादा सेवाएं शिमला, मंडी, सिरमौर, कुल्लू व कांगड़ा जिले में प्रभावित हैं। पांवटा-शिलाई एनएच-707 पर हईनधार के पास भूस्खलन हुआ है।
कहां कितना न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 16.6, सुंदरनगर 21.6, भुंतर 22.1, कल्पा 15.5, धर्मशाला 20.0, ऊना 23.4, नाहन 23.1, केलांग 13.6, पालमपुर 19.0, सोलन 20.6, मनाली 19.2, कांगड़ा 22.4, मंडी 22.1, बिलासपुर 25.0, चंबा 22.6, डलहौजी 14.9, कुकुमसेरी 11.8, धौलाकुआं 23.0, बरठीं 24.9, समदो 17.7, कसौली 19.0, पांवटा साहिब 24.0, सराहन 18.5, देहरा गोपीपुर 24.0, ताबो 14.0, मशोबरा 16.2, नेरी 16.2 व सैंज में 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
बाढ़ और बादल फटने से 64 लोगों की हो चुकी मौत
प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार, इस मानसून सीजन में भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने से 64 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 लोग अभी भी लापता हैं। मौसम और अन्य हादसों में अब तक 271 लोगों की जान चली गई है, जबकि 423 लोग घायल हुए हैं। 23 की मौत बादल फटने से, 26 की बाढ़ के बाद डूबने व बहने से, छह लोगों की मौत भूस्खलन, आठ की बाढ़ के कारण और एक की बिजली गिरने से हुई है। इसके अलावा 25 की मौत सर्पदंश, 15 की मौत बिजली के झटके और 38 की मौत गिरने से हुई है। 120 लोगों की जान बारिश के दौरान सड़क हादसों और 9 की जान अलग कारणों से गई है।