जून के चार दिनों में सामान्य से 103 फीसदी अधिक बरसे बादल
हिमाचल में एक से चार जून के दौरान सामान्य से 103 फीसदी अधिक बारिश हुई है। इस अवधि में 6.9 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। जबकि चार दिनों में 14 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और ऊना में सामान्य से कम बादल बरसे हैं। कांगड़ा में सामान्य से 47, लाहौल-स्पीति में छह और ऊना में 20 फीसदी कम बारिश हुई है। बिलासपुर में सामान्य से 393, चंबा में 101, हमीरपुर में 129, किन्नौर में 56, कुल्लू में 51, मंडी में 134, शिमला में 280, सिरमौर में 361 और सोलन में 233 फीसदी अधिक बारिश हुई है।
कोकसर में रात का शून्य से नीचे जा रहा तापमान
रोहतांग दर्रा की गोद में बसी कोकसर घाटी में रात के समय तापमान शून्य ये नीचे जा रहा है। तीन दिन से रात का तापमान माइनस तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। वहीं दिन के समय यहां तेज हवाएं चल रही हैं। जिससे आम लोगों व सैलानियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
चांशल में ताजा हिमपात
उपमंडल के तहत 13 हजार फुट उंची चांशल की चोटी पर हिमपात के बाद डोडरा क्वार सड़क मंगलवार दिन के समय से बुधवार शाम तक वाहनों के लिए बंद रही। जून महीने में चोटियों पर कई सालों बाद पहली बार हिमपात के बाद पूरे क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। लगातार तापमान में गिरावट के बाद जंगलों में भेड़ पालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर सेब और अन्य फसलों के लिए भी तापमान में दर्ज हो रही भारी कमी को नुकसानदायक माना जा रहा है। चांशल, चंद्रनाहन और अन्य चोटियों पर ताजा हिमपात से जंगलों में पशु चारा बर्फ में दब गया है। विशेषज्ञ का कहना है कि फल विकास के लिए जून व जुलाई के महीने में गर्मी का होना जरूरी होता है। उधर, एक्सईएन लोनिवि डोडरा क्वार नरेंद्र नायक ने कहा कि हिमपात में फिसलन के कारण डोडरा क्वार सड़क करीब 24 घंटे वाहनों के लिए बंद रही।
जानें कितने दिन बरसेंगे बादल
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 4 जून को राज्य के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 5 जून को राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं। 6 जून को उच्च पर्वतीय कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। 7 जून से पूरे प्रदेश में माैसम साफ रहने के आसार हैं। आज कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन व सिरमाैर जिले में अंधड़ चलने का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद, अगले 4-5 दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में लगभग 5-6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में लगभग 3-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है।
तापमान में भारी गिरावट
पिछले 24 घंटों के दौरान कई स्टेशनों पर अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई और अधिकांश स्टेशनों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 4-7 डिग्री सेल्सियस कम रहा। अधिकांश स्टेशनों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-6 डिग्री सेल्सियस कम रहा तथा कुछ स्थानों पर यह सामान्य या सामान्य के निकट रहा। शिमला में न्यूनतम तापमान 9.2, सुंदरनगर 15.1, भुंतर 14.0, कल्पा 6.5, धर्मशाला 17.4, ऊना 16.5, नाहन 17.3, केलांग 4.4, पालमपुर 13.5, सोलन 13.8, मनाली 10.3, कांगड़ा 15.4, मंडी 15.5, बिलासपुर 17.9, चंबा 14.7, जुब्बड़हट्टी 11.8, कुकुमसेरी 5.7, भरमाैर 10.0, धाैलाकुआं 19.2, कसाैली 12.5, पांवटा साहिब 18.0, सराहन 11.9, देहरा गोपीपुर 19.0 व ताबो में 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीती रात को करसोग में 64.1, कुफरी 45.0, शिमला 40.2, मालरांव 39.4, घाघस 37.0, नयना देवी 34.6, काहू 32.4, मुरारी देवी 31.2, स्लापड़ 30.0, बिलासपुर 28.6, जुब्बड़हट्टी 28.0 व पांवटा साहिब में 25.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
ऊना में भी जून में पहली बार सर्दी का हो रहा एहसास
लगातार बारिश व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से ऊना जिले में भी जून में पहली बार सर्दी का एहसास होने लगा है। लोगों को रात के समय कूलर और पंखे बंद करने पड़ रहे हैं। स्थनीय लोगों का कहना अपने जीवनकल में ऐसा पहली बार हुआ है। वहीं दुकानदारों का दावा है कि एसी, कूलर व पंखों की बिक्री में कमी आई है।
सचे जोत में बर्फ पर फिसली टैक्सी, बाल-बाल बचीं सवारियां
किलाड़-चंबा वाया सचे जोत मार्ग पर एक बड़ा हादसा होने से टल गया। दरसअल, पांगी से 12 सवारियों को चंबा लेकर जा रही टैक्सी सचे जोत में बर्फ पर फिसल गई। गनीमत यह रही कि टैक्सी खाई में नहीं गिरी अन्यथा जानमाल का भारी नुकसान हो सकता था। फिलहाल चालक और सवारियां सुरक्षित हैं। जैसे ही टैक्सी जोत के टॉप पर पहुंची तो वहां पर अचानक बर्फ पर स्किड हो गई। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए गाड़ी को नियंत्रित किया। हालांकि, सवारियों में चीख पुकार मच गई थी। इसके बाद सभी सवारियां टैक्सी के बाहर निकल गईं। घटना का पता चलते ही लोक निर्माण विभाग की टीम भी वहां पहुंच गई और टैक्सी को सुरक्षित जोत से पार करवाया। तीन दिन पहले करीब 30 सेंटीमीटर बर्फबारी होने से सचे जोत बंद हो गया था।