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हिमाचल प्रदेश: पहाड़ खिसकने से बह गई 150 मीटर सड़क, चंबा में दो की मौत, मंडी में कारें दबीं

Fri, 30 Jul 2021 09:25 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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सिरमौर: भूस्खलन से बाधित हुआ नेशनल हाईवे 707। - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश के पांवटा-शिलाई नेशनल हाईवे (एनएच) पर काली ढांक के पास शुक्रवार सुबह 7 बजे भारी भूस्खलन से शुक्रवार को 150 मीटर सड़क बह गई। इस दौरान वाहन चालक बाल-बाल बचे। मंडी के मंगवाईं में पार्किंग की छत पर डंगा गिरने से 12 कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। चंबा में पहाड़ी से जेसीबी गिरने से चालक और ढांक में गिरने से एक अन्य व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। लाहौल के तांदी में थार गाड़ी लुढ़क गई, जिससे दो सवार घायल हो गए। कुल्लू और लाहौल में लापता सात लोगों का तीन दिन बाद भी सुराग नहीं लगा है। शुक्रवार को भी एनडीआरएफ, आईटीबीपी की टीमें मौके पर डटी रहीं।
 
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- फोटो : अमर उजाला
लाहौल-स्पीति में बाढ़ आने से फंसे 241 लोगों को रेस्क्यू करने में मौसम बाधा बना है। शुक्रवार को हेलीकाप्टर चंडीगढ़ से बचाव कार्य के लिए लाहौल के लिए उड़ान नहीं भर सका। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का लाहौल के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा भी रद्द हो गया। प्रदेश में शुक्रवार शाम तक छोटी-बड़ी 462 सड़कों पर आवाजाही ठप रही। 41 बिजली ट्रांसफार्मर और 94 पेयजल योजनाएं ठप होने से बिजली-पानी का संकट गहरा गया है। भारी बारिश से प्रदेश में 27 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
पांवटा-शिलाई एनएच-707 भूस्खलन से शिलाई क्षेत्र की लगभग 40 पंचायतों का संपर्क जिला मुख्यालय नाहन और पांवटा साहिब से कट गया है। प्रशासन ने पांवटा से हाटकोटी वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की है। तेज बारिश के बीच मंडी-कुल्लू एनएच दिन भर बाधित होता रहा। भरमौर-पठानकोट एनएच पर केरू पहाड़ के पास पहाड़ी दरकने का सिलसिला दिन भर चलता रहा। शिमला-करसोग मुख्य मार्ग पर चामुनाला के समीप भूस्खलन से सड़क दो घंटे बंद रही। केलांग-उदयपुर सड़क पर शांशा नाले पर भारी बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल के चलते उदयपुर की तरफ फंसे करीब 150 लोगों को अस्थायी पैदल पुल बनाकर रेस्क्यू किया गया।

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- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार सुबह आठ बजे सुंदरनगर से लाहौल-स्पीति जाना था। सुंदरनगर में प्रेस वार्ता में सीएम ने कहा कि लाहौल में फंसे 241 लोगों को सुरक्षित निकालने के पूरे प्रयास हो रहे हैं। वह खराब मौसम के चलते लाहौल नहीं जा पाए, लेकिन लगातार राहत कार्य की समीक्षा की जा रही है।
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- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने खराब मौसम के अलर्ट को लेकर जारी एडवाइजरी पर पर्यटकों से अपील की है कि वे ऐसी जगह न जाएं, जहां भूस्खलन और बाढ़ की आशंका है। उन्होंने प्रदेश में आपदा के कारण हुई मौतों पर शोक जताया। उन्होंने बताया कि लोगों को निकालने के लिए चंडीगढ़ में सरकार का नया चॉपर तैयार है। मौसम साफ होते हुए फंसे पर्यटकों को निकालना शुरू कर देंगे।
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