सचिवालय में लिपिकों को पदोन्नत कर वरिष्ठ सहायक बनाने के लिए नियमों में छूट देने संबंधित फाइल कार्मिक विभाग में अटक गई है। सचिवालय में इस समय वरिष्ठ सहायकों के 303 पद खाली चल रहे हैं। इन पदों को लिपिकों से पदोन्नत होकर भरे जाना है, नियमों में लिपिकों को वरिष्ठ सहायक बनने के लिए 10 साल की सेवा अवधि होना जरूरी है लेकिन इन लिपिकों को अभी इतना समय नहीं हुआ है।
ऐसे में सचिवालय कर्मचारी सेवाएं संगठन इस शर्त को हटाकर 7 साल करने की मांग उठा रहे हैं, ताकि इन रिक्त पदों को भरा जा सके। विभाग की ओर से यह फाइल चली पड़ी है लेकिन कार्मिक विभाग से यह फाइल आगे नहीं खिसक रही है। वर्तमान में सचिवालय में वरिष्ठ सहायकों के 522 पद स्वीकृत है और इनमें से 303 पद पिछले कई सालों से रिक्त चल रहे हैं।
जिससे राज्य सचिवालय के कर्मचारियों पर काम का बोझ भी बढ़ने लगा है, वरिष्ठ सहायक पद पर प्रोमोशन के लिए बनाए नियम इसमें बाधा बन गए हैं। सचिवालय में वरिष्ठ सहायकों के स्वीकृत पद न भरे जाने से सचिवालय के विभिन्न विभागों का काम प्रभावित हो रहा है। विभागों में कई लिपिक ऐसे भी है जो वर्तमान समय में वरिष्ठ सहायक का काम देख रहे हैं।
सचिवालय कर्मचारी सेवाएं संगठन के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि वरिष्ठ सहायकों के रिक्त पदों को भरने का मामला मुख्यमंत्री से उठाया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि कर्मचारी की यह मांग प्राथमिकता के दौर पर पूरी किया जाना है। उन्होंने कहा इस मामले को प्रधान सचिव (कार्मिक) से उठाया जाएगा।