कृपाल परमार ने कहा कि टिकट न मिलने की नाराजगी की वजह से इस्तीफा नहीं दिया है। इसे इससे जोड़ना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लंबे अरसे से संगठन के वरिष्ठ नेताओं की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने इसी वजह से उपाध्यक्ष का पद छोड़ना उचित समझा है।
उपचुनाव में फतेहपुर विधानसभा से टिकट न मिलने से नाराज पूर्व राज्यसभा सांसद कृपाल परमार ने भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष पद से मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। परमार ने यह इस्तीफा उपचुनाव में हार पर समीक्षा के लिए भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुरू होने से एक दिन पहले दिया है। बैठक में परमार ने भी भाग लेना था। हालांकि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने अभी तक इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। इस्तीफा देने की बात खुद कृपाल परमार ने सोशल मीडिया पर शेयर की है।
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उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप को लिखे पत्र में कहा है कि वह अपने पद से त्यागपत्र भेज रहे हैं। कृपया वह इसे स्वीकार करें। साथ ही उन्होंने लिखा है कि त्यागपत्र देने का कारण वह अलग से पत्र भेजकर स्पष्ट कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कृपाल परमार फतेहपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव के लिए पार्टी से टिकट की उम्मीदवारी में थे। वह पिछली बार विधानसभा चुनाव में भी फतेहपुर से भाजपा प्रत्याशी थे, मगर वह तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मंत्री रहे सुजान सिंह पठानिया से चुनाव हार गए थे। उस समय भाजपा नेता बलदेव ठाकुर ने बागी होकर चुनाव लड़ा था। इस बार भाजपा ने बलदेव ठाकुर को ही टिकट दिया और टिकट के तलबगार परमार को इस रेस से बाहर कर दिया।
संगठन के वरिष्ठ नेताओं की सुनवाई न होने पर दिया इस्तीफा : कृपाल
कृपाल परमार ने कहा कि टिकट न मिलने की नाराजगी की वजह से इस्तीफा नहीं दिया है। इसे इससे जोड़ना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लंबे अरसे से संगठन के वरिष्ठ नेताओं की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने इसी वजह से उपाध्यक्ष का पद छोड़ना उचित समझा है।