पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक
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चुनावी साल में परीक्षा प्रश्पपत्र लीक मामले जयराम सरकार के गले की फांस बनेंगे। पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा सरकार के साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में दूसरी बार रद्द हो गई है। जेओए भर्ती भी सवालों के घेरे में है। अन्य महकमों में भी भर्तियां अभी लंबित चल रही हैं। शिक्षा विभाग में आठ हजार मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती अभी तक पूरी नहीं हुई है। जेबीटी भर्ती भी लटकी हुई है। लोक निर्माण विभाग में मल्टी टास्क वर्कर भर्ती के इंतजार में है।
ऐसे में बेरोजगारी के मामले पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार को घेरने की रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी के पदभार संभालने के अगले ही दिन शुक्रवार को सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने को बड़ा मुद्दा मिल गया है। कांग्रेस पहले से ही भर्तियों में भाई-भतीजावाद के सरकार पर आरोप लगाते आई है।
अब पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा प्रश्पपत्र लीक मामले को लेकर दर्ज मामले और भर्ती रद्द करने को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए बयान ने कांग्रेस को इस मुद्दे पर फ्रंट फुट पर ला दिया है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से इस बाबत प्रदेश भर में मोर्चा खोला जाएगा। प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष प्रतिभा वीरभद्र सिंह और नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को ही शिमला में पत्रकारों से बातचीत में इसके संकेत दे दिए हैं।
उधर, दिल्ली मॉडल के सहारे हिमाचल में जमीन तलाश रही आम आदमी पार्टी भी पेपर लीक मामले को लेकर मुखर हो गई है। सरकार को इस मामले पर घेरने के लिए आने वाले दिनों में दिल्ली से आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं को हिमाचल में बुलाने की तैयारी शुरू हो गई है। उधर, प्रदेश भाजपा परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित करने का तर्क देकर सरकार पर लग रहे आरोपों को सिरे से नकार रही है।
भाजपा नेताओं का कहना है सरकार ने पेपर लीक होने के पुख्ता सुबूत मिलते ही बड़ी कार्रवाई की है। सरकार इस तरह के मामलों को लेकर सख्त है। चुनावी साल में इस मामले को लेकर भाजपा और सरकार क्या रुख अपनाती है। इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।