कालका रेलवे स्टेशन पर खुला पहला स्टॉल।
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देशभर के रेलवे स्टेशनों में अब हिमाचल में चीड़ की पत्तियों (पाइन नीडल) से निर्मित उत्पाद मिलेंगे। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने एक स्टेशन एक उत्पाद के तहत हिमाचल के सेल्फ हेल्फ ग्रुप को मंजूरी दी है। महीने में 15 दिनों तक देश के अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर पाइन नीडल से बने पदार्थों की ब्रिकी होगी। कालका रेलवे स्टेशन पर पहला स्टॉल खुल चुका है और इसमें उत्पादों की बिक्री शुरू कर दी गई है।
इससे बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को अलग तरह के उत्पाद खरीदने को मिलेंगे। खास बात यह है कि इसे महिला की ओर से संचालित किया जा रहा है। चीड़ की पत्तियों से बने उत्पाद बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी खूब भा रहे हैं और खासी बिक्री भी हो रही है। इससे स्वरोजगार का भी बेहतर उदाहरण कालका स्टेशन पर देखने को मिला है क्योंकि ये वस्तुएं महिला की ओर से स्वयं निर्मित की गई हैं।
देशभर में रेलवे स्टेशनों पर भी अब केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय की ओर से काफी बदलाव किया जा रहा है। रेलवे स्टेशनों पर स्वरोजगार के तहत उत्पादों को बेचने का मौका भी सरकार दे रही है। इससे पहले रेलवे स्टेशनों पर इस प्रकार की व्यवस्था नहीं थी और न ही महिलाएं स्टेशनों पर पाइन नीडल से बने उत्पाद बेचती थीं।
अब रेलवे बोर्ड ने बेहतर कदम उठाते हुए हिमाचल पाइन नीडल से बने टोकरी, बॉक्स, कटोरी समेत अन्य पदार्थ बेचे जा रहे हैं। कालका रेलवे स्टेशन पर सोलन के धर्मपुर में रहने वाली निशा कालरा की ओर से स्टॉल लगाया गया है। उन्होंने बताया कि एक स्टेशन एक उत्पाद के तहत मंजूरी मिली है।