आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक
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प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की शिकायतें करने के लिए सॉफ्टवेयर बनने जा रहा है। उच्च शिक्षा के नाम पर मनमानी करने वाले निजी शिक्षण संस्थानों पर नए साल से शिकंजा कसेगा। राज्य निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने इसकी कवायद शुरू की दी है। विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज करवाने के लिए आयोग की वेबसाइट पर जाकर क्यूआर कोड स्कैन करने पर फीडबैक फार्म मिलेगा।
इस फार्म को भरकर आयोग को वापस भेजने पर संबंधित अधिकारी मामले की जांच करेंगे। निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग की इस नई पहल से विद्यार्थियों को जहां शिमला आकर अपनी बात रखने से निजात मिलेगी, वहीं आयोग को भी हर संस्थान से संबंधित जानकारी मिलती रहेगी। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से आयोग के पास निजी संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों की हाजिरी की भी जानकारी मिलती रहेगी।
ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर भी सॉफ्टवेयर आयोग को अपडेट करता रहेगा। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को राहत देने के लिए यह सॉफ्टवेयर तैयार करवाने की योजना है। इसको लेकर टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप, ट्विटर और फेसबुक के माध्यम से भी विद्यार्थियों को अपनी बात आयोग के समक्ष रखने की सुविधा दी गई है।