बीपीएल फर्जी अफसर मामले में एसडीएम ने पंचायत सचिव और खाद्य नियंत्रक अधिकारी से रिकार्ड तलब किया है। सरकार को अंदेशा है कि विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी कार्ड बनाने के कार्य को अंजाम दिया है। दूसरी ओर फर्जी बीपीएल अफसर खाद्य आपूर्ति और पंचायती राज विभाग के कार्यालय पहुंचकर कार्ड को सरेंडर करने की प्रक्रिया पूछ रहे हैं। कई अधिकारियों ने खाद्य आपूर्ति विभाग के पास राशन के करीब 5 लाख जमा करा दिए हैं।
पकड़े गए मामलों में ज्यादातर आयकरदाता बीपीएल की श्रेणी में हैं। प्रदेश सरकार ने इसका खुलासा किया है। यह लोग केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही स्कीमों का फायदा ले रहे हैं। अब कार्ड ब्लाक करने से वास्तव में लाभार्थियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। सरकार का दावा है कि इन अपात्र व्यक्तियों का चयन पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग, शहरी विकास विभाग या खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों अथवा अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ होगा।