हिमाचल सरकार ने नई गठित पंचायतों और उनके वार्डों का आरक्षण स्टेटस निर्धारित कर दिया है। नई गठित पंचायतों का आरक्षण स्टेटस वही होगा, जो उस पंचायत का था जिससे काटकर अलग बनाई गई है। अगर दो से अधिक वार्डों को मिलाकर एक वार्ड बना हो तो उसमें आरक्षण का स्टेटस उस वार्ड से तय होगा, जिसकी जनसंख्या अधिक थी।
इसमें यह तय हुआ है कि ऐसे वार्डों और ग्राम पंचायतों का 2010 और 2015 दोनों वर्षों का स्टेटस उसी तरह से निर्धारित होगा। सचिव पंचायतीराज और पंचायतीराज विभाग के निदेशक की ओर से इस बारे में सभी उपायुक्तों और जिला पंचायत अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। हाल ही में सरकार ने कई नई ग्राम पंचायतें बनाई हैं।
जिला शिमला के कुपवी और जिला मंडी के बालीचौकी में नई पंचायत समितियों का भी गठन किया गया है। इसके नतीजे में वार्डों की सीमाओं के पुनर्निधारण के साथ कुछ नए वार्डों का भी गठन किया गया है। आरक्षण के चक्रानुक्रम को निर्धारित करने के लिए ऐसे वार्डों और ग्राम पंचायतों का पूर्व आरक्षित स्टेटस निर्धारित करना जरूरी है।
इस बारे में यह स्पष्ट किया जाता है कि नए पुनर्गठित वार्ड का गत आरक्षण का स्टेटस वही होगा, जिस वार्ड से ऐसे गठित या पुनर्सीमांकित वार्ड में अधिकतम जनसंख्या ली गई हो। पंचायत चुनाव से पहले ही नवगठित पंचायतों और वार्डों का यह आरक्षण स्टेटस तय कर दिया जाएगा।