प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिका संघ
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प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिकाओं ने प्री प्राइमरी स्कूलों में नियुक्ति की मांग को लेकर वीरवार को विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी वर्करों की इन स्कूलों में नियुक्ति का विरोध करते हुए संघ की पदाधिकारियों ने कहा कि नर्सरी और केजी कक्षाओं में पढ़ाने का हक सिर्फ एनटीटी करने वालाें का है। संघ ने वीरवार को शिमला के ओल्ड बस स्टैंड से चौड़ा मैदान तक रैली निकाली। फिर विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया।
संघ की अध्यक्ष गायत्री शर्मा और महासचिव कल्पना शर्मा ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 1999 से करीब 15 हजार महिलाओं ने नर्सरी टीचर ट्रेनिंग की है। वर्ष 1997 के बाद से सरकारों ने इन्हें नियुक्तियां नहीं दी हैं। प्री प्राइमरी स्कूलों में उन्हें बैचवाइज भर्ती कर नियुक्त किया जाए। शैक्षणिक योग्यता जमा दो और एनटीटी रखी जाए। आयु सीमा की शर्त हटाई जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत केंद्र सरकार ने प्री प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की अलग से भर्ती करने का प्रावधान किया है।
कहा कि अगर मांगों को नहीं माना गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जब सिर्फ विधायक थे, तब भी उन्हें एनटीटी की समस्याओं से अवगत करवाया गया था। अब उम्मीद है कि सरकारी स्कूलों में चलाई जा रही प्री प्राइमरी कक्षाओं में उन्हें नियुक्ति दी जाएगी।
उधर, गत बुधवार को ही मजदूर संगठन सीटू के बैनर तले आंगनबाड़ी वर्करों ने चौड़ा मैदान में प्रदर्शन कर प्री प्राइमरी स्कूलों में नियुक्ति देने की मांग की है। ऐसे में सरकार के सामने भी अब मुश्किल खड़ी हो गई है। सरकार ने प्री प्राइमरी स्कूलों में नियुक्तियां देने के लिए अंतिम फैसला नहीं लिया है। इसको लेकर केंद्र सरकार के फैसले का इंतजार है।