मंडी से आगे दवाड़ा में भारी भूस्खलन के चलते शुक्रवार रात से बंद पड़ा चंडीगढ-मनाली हाईवे करीब 40 घंटों बाद रविवार शाम पांच बजे बहाल हो पाया। पहाड़ी से बार-बार मलबा और पत्थर गिरने से जहां सड़क बहाली का काम बाधित होता रहा है, वहीं दोनों तरफ ट्रकों और अन्य वाहनों की कतारें लगी रहीं। कुल्लू जिले में इन दिनों सेब सीजन जोरों पर है और हाईवे बंद होने से सेब उत्पादकों की भी दिक्कत बढ़ गई। कुल्लू जिले से बाहरी राज्यों को भेजे जा रहे सेब के करीब 200 ट्रक और अन्य गाड़ियां करीब 36 घंटे तक फंसीं रहीं।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात जिला मंडी में औट के समीप दवाड़ा में पत्थर गिरने से नेशनल हाईवे बंद हो गया था। इसके बाद प्रशासन ने हाईवे बहाली का काम शुरू किया, लेकिन सुबह करीब साढ़े आठ बजे पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा मार्ग पर आ गिरा। इसके बाद भी बार-बार मलबा गिरने से मार्ग बहाली का काम बाधित रहा। रविवार शाम पांच बजे मार्ग बहाल हो पाया। हालांकि इसी बीच छोटे वाहनों को बजौरा वाया कटौला भेजा गया, लेकिन सैकड़ों ट्रक मार्ग के दोनों ओर फंसे हुए थे।
मार्ग बहाल करने को मशीनरी रविवार को भी पूरा दिन लगी रही। एनएच बंद होने से यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। एसपी मंडी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि छोटे वाहनों को बजौरा वाया कटौला भेजा गया, लेकिन मार्ग पर अत्यधिक वाहनों की आवाजाही होने से जाम लग रहा। वहीं ट्रैफिक बहाली सुचारु करने को एसएचओ औट और भुंतर मौके पर मौजूद रहे।
आसपास दुकान-ढाबा न होने से वाहन चालक-परिचालक रहे भूखे-प्यासे
नेशनल हाईवे के बंद होने से एक तरफ जहां सेब से लदे ट्रकों के समय पर मंडियों पर न पहुंचने से बागवानों और खरीदारोें को नुकसान हुआ, वहीं घटनास्थल के आसपास कोई दुकान या ढाबा न होने से चालक-परिचालक और अन्य यात्री भूख-प्यास से परेशान रहे। इसको लेकर सोशल मीडिया में वीडियो भी वायरल हुए।