फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मजबूरी: छह साल से घर के बरामदे में बीत रहा 92 वर्ष की कौशल्या का बुढ़ापा

Thu, 09 Dec 2021 12:10 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, शाहपुर (कांगड़ा)

सार

92 वर्षीय बुजुर्ग महिला के बेटे ने बैंक से 2004 में पांच लाख रुपये का लोन लिया था। बीमारी के चलते वह ऋण नहीं चुका पाए। 2015 में बैंक ने पूरे स्लेटपोश मकान को सील कर दिया। 
विज्ञापन
बरामदे में बैठी 92 वर्षीय बुजुर्ग महिला। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हर इंसान की यही इच्छा होती है कि उसका बुढ़ापा सुख में बसर हो जाए, लेकिन जब 92 साल की उम्र में जीवन के अंतिम दिन बरामदे में काटने पड़े तो इससे बड़ा दुख और क्या हो सकता है। ऐसा ही एक मामला विधानसभा क्षेत्र शाहपुर में सामने आया है। 92 वर्षीय बुजुर्ग महिला छह साल से सर्दी, गर्मी और बरसात हर मौसम में बरामदे में रहने को मजबूर है। नगर पंचायत शाहपुर की कौशल्या देवी ने बताया कि उनके तीन बेटे हैं।

विज्ञापन


सभी मेहनत मजदूरी करते हैं। उनके एक बेटे ने शाहपुर में एक बैंक की शाखा से 2004 में पांच लाख रुपये का लोन लिया था। बीमारी के चलते वह ऋण नहीं चुका पाए। 2015 में बैंक ने पूरे स्लेटपोश मकान को सील कर दिया। अब वह अपने बेटे के साथ हर मौसम में बरामदे में रहने को मजबूर है। वह बरामदे में ही खाना बनाते ओर सोते हैं।

उन्होंने बताया कि वह बीपीएल परिवार से संबंध रखते हैं। अभी तक सरकार की तरफ से उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अधीन मकान भी नहीं मिला है। उन्होंने सरकार और बैंक से गुहार लगाई है कि एक कमरे और रसोई का ताला खोल दिया जाए, ताकि वह अपने जीवन के अंतिम क्षण अपने घर में काट सके।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि बैंक के जो भी पैसे हैं वह किस्तों में चुकाने को भी तैयार हैं। बैंक के मैनेजर गंधर्व नाग ने बताया कि उनकी कुछ दिन पहले ज्वाइनिंग हुई है। यह मामला उनके ध्यान में नहीं है। मकान क्यों सील किया है, इसको लेकर जांच की जाएगी। मामले की जांच करके उचित करवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें