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Himachal: जनगणना में लापरवाही की तो हो सकती है 3 साल की जेल, सरकार ने अधिकारियों को सौंपी जिम्मेवारियां

Thu, 08 Jan 2026 12:54 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

जनगणना 2027 के के लिए जिला, उपमंडल, तहसील और शहरी निकाय स्तर पर जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति को अधिसूचित कर दिया है। 
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हिमाचल सरकार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य सरकार ने भारत की जनगणना 2027 के के लिए जिला, उपमंडल, तहसील और शहरी निकाय स्तर पर जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति को अधिसूचित कर दिया है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना अधिनियम की धारा 11 के तहत कार्य में लापरवाही, ड्यूटी से इन्कार या बाधा उत्पन्न करने पर एक हजार रुपये तक जुर्माना और दोष सिद्ध होने की स्थिति में तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह नियुक्तियां जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 4(2) के तहत की गई हैं। संबंधित मंडलायुक्त को मंडलीय जनगणना अधिकारी, जिला स्तर पर उपायुक्त को प्रधान जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त उपायुक्त, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सहित अन्य नामित अधिकारियों को जिला जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है।

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इसके अलावा जिला राजस्व अधिकारी या अन्य जिलास्तरीय अधिकारियों को अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है। मुख्य सचिव संजय गुप्ता के आदेशके अनुसार, उपमंडल स्तर पर उपमंडलाधिकारी, तहसील व उप तहसील स्तर पर तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को प्रभारी जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है। इनके सहयोग के लिए सदर कानूनगो, सांख्यिकीय सहायक, कार्यालय कानूनगो एवं संबंधित लिपिकीय संवर्ग के अधिकारियों को सहायक प्रभारी जनगणना अधिकारी के रूप में नामित किया गया है। शहरी क्षेत्रों में नगर निगम स्तर पर नगर आयुक्त को प्रधान जनगणना अधिकारी और अतिरिक्त, संयुक्त, सहायक आयुक्तों को सिटी जनगणना अधिकारी बनाया गया है। वहीं, नगर निगम, छावनी बोर्ड, नगर परिषद और नगर पंचायतों में मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कार्यकारी अधिकारी, अभियंता, सचिव एवं अन्य नामित अधिकारियों को प्रभारी जनगणना अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी है।
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