हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रतिवादी राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वे याचिकाकर्ता की करुणामूलक के आधार पर नियुक्ति के आवेदन पर छह सप्ताह के भीतर उचित निर्णय ले। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया कि उनके पति जो शिक्षा विभाग में टीजीटी के पद पर कार्यरत थे, का सेवाकाल के दौरान निधन हो गया था। इसके बाद उनकी पत्नी याचिकाकर्ता निशा कुमारी ने करुणामूलक के आधार पर नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन विभाग की ओर से बार-बार अनुरोध करने के बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि याचिकाकर्ता का आवेदन 9 जून 2021 को ही संबंधित अधिकारियों को भेजा जा चुका था, लेकिन उस पर अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि करुणा के आधार पर नियुक्ति के आवेदन पर विचार करते समय कर्मचारी की मृत्यु के समय लागू नीति को ध्यान में रखा जाना चाहिए।