हिमाचल में धार्मिक स्थलों और अनुष्ठानों में पशु बलि पर लगाई रोक को हटाने के आग्रह को हाईकोर्ट ने ठुकरा दिया है। ये आदेश न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर ने पारित किए। देवी देवता कारदार संघ कुल्लू और विधायक महेश्वर सिंह ने अलग-अलग आवेदन दायर कर हाईकोर्ट से आग्रह किया था कि पशु बलि पर रोक लगाने से लोगों की धार्मिक आस्था और भावनाओं को ठेस पहुंची है, इसलिए इस रोक को हटाया जाए।
अदालत के समक्ष यह भी दलील दी गई थी कि कानूनी प्रावधान में भी इस तरह की बलि दिए जाने की छूट है। प्रदेश सरकार की ओर से भी दलील दी गई थी कि इस रोक आदेश पर फिर से विचार किया जाए। बाहुल्य इलाकों में इससे लोगों की आस्था और धार्मिक भावनाएं जुड़ी हैं।
एक सितंबर को हिमाचल हाईकोर्ट ने धार्मिक स्थलों में पशु बलि देने पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने के आदेश दिए थे। इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट ने प्रदेश के सभी जिलों के डीसी और एसपी निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में व्यवस्था दी है कि प्रदेश भर में कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक धार्मिक स्थल और इसके परिसर के आसपास की गलियों में यज्ञ और पूजा के नाम पर पशु बलि नहीं देगा।