जयराम सरकार निगमों में घाटा कम करने के लिए उनकी संख्या घटाने की तैयारी में है। एक ही विभाग के अधीन कई निगम हैं, जिन्हें विलय कर खर्चों को सीमित किया जाना है। सरकार ने विभागों को इसकी संभावनाएं तलाश करने के निर्देश दिए हैं।
बागवानी विभाग ने इस पहल के तहत एग्रो कार्पोरेशन को एचपीएमसी (हिमाचल प्रदेश हॉर्टिकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग) में मिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्ताव को वित्त विभाग की मंजूरी के बाद कैबिनेट में लाया जाएगा। इसके अलावा दूसरे महकमों में भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
विलय से निगमों में तैनात स्टाफ का इस्तेमाल हो सकेगा, जबकि प्रतिनियुक्ति पर आने वाले स्टाफ को मूल महकमे में वापस भेजा जाएगा। अलग अलग दफ्तर संचालित करने के खर्चों से भी बचा जा सकेगा। विलय के बाद भी निगम अपने मूल काम को करते रहेंगे।
बागवानी विभाग ने एग्रो कार्पोरेशन के माध्यम से होने वाले कार्यों को बंद करने के बजाय उनको एचपीएमसी के अधीन लाने का निर्णय लिया है। दोनों के विलय को लेकर प्रस्ताव लगभग तैयार हो चुका है। इसी तरह से दूसरे कई महकमों के निगमों को लेकर भी संभावनाएं तलाशनी शुरू हो गई हैं।