मशीनों की खरीद प्रक्रिया शिक्षा निदेशालय ने शुरू कर दी है। इन मशीनों की मॉनीटरिंग शिक्षा निदेशालय और जिला उपनिदेशक कार्यालयों से होगी। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से लगातार शिकायतें प्राप्त होती रहती हैं कि कई स्कूलों से शिक्षक कई-कई दिन तक गायब रहते हैं।
इससे शिक्षा का स्तर गिर रहा है। कई बार विभागीय निरीक्षण के दौरान भी कई शिक्षक स्कूल में गैरहाजिर पाए गए। इन शिक्षकों ने छुट्टी भी नहीं ली। स्कूल आने पर ही पुरानी हाजिरी को भी भर दिया।
इस तरह के मामलों पर संज्ञान लेते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों में आधार से जुड़ी बायोमीट्रिक मशीनें लगाने का फैसला लिया है। आधार से जुड़ी बायोमीट्रिक मशीनें पुरानी मशीनों से भिन्न होती हैं। इन आधुनिक मशीनों की मॉनीटरिंग इंटरनेट के माध्यम से प्रदेश में कहीं से भी हो सकती है।
सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा देने और शिक्षकों व गैर शिक्षकों की स्कूलों में हाजिरी सुनिश्चित करवाने के लिए आधार कार्ड से जुड़ी बायोमीट्रिक मशीनें लगाने का फैसला लिया गया है। मशीनें लगने के बाद इसी माध्यम से हाजिरी लगाई जाएगी। उच्च अधिकारी अपने कंप्यूटर सिस्टम से देख सकेंगे कि कितने शिक्षक स्कूल में हाजिर रहे और कितने गैर हाजिर।- मनमोहन शर्मा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा