मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश पर्यटन विकास निगम के 140 कर्मचारियों को पदोन्नत करने और 113 यूटीलिटी वर्करों की सेवाएं नियमित करने की स्वीकृति प्रदान की है। इससे निगम में कई वर्षों बाद 253 कर्मचारियों को रोजगार एवं नई भर्तियां सृजित हुई हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री ने प्रदेश पर्यटन विकास निगम की 142वीं बैठक की अध्यक्षता की। निगम के इतिहास में पहली बार इतनी संख्या में यूटीलिटी वर्करों और निचले स्टॉफ को हाउसमैन और वाशर ब्वायज के तौर पर पदोन्नत एवं नियमित किया गया है।
इसके अतिरिक्त 25 कर्मचारियों को सहायक प्रबंधक के रूप में पदोन्नत किया गया है। 10 गाइडों और परिचालकों को रिसैपश्निस्ट और 5 को सहायक रिसैपश्निस्ट पदों पर पदोन्नति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक योग्यता को दरकिनार कर अनुभवी पुराने स्टाफ को भी पदोन्नत करने को कहा। बैठक में निर्णय लिया गया कि यह पदोन्नतियां निगम के कर्मचारियों द्वारा निगम को लाभ अर्जित करने और उनके प्रदर्शन को देखकर की गई हैं।
निगम में प्रदर्शन आधारित लाभों के लिए मानक तय करने पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने परवाणू स्थित शिवालिक होटल के सभी कमरों तथा शौचालयों जो निगम की बहुमूल्य संपत्ति है। इसकी मरम्मत करने और इन्हें पूरी तरह क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए।
इन मामलों पर भी हुई चर्चा
मुख्यमंत्री को बैठक में अवगत करवाया गया कि प्रदेश पर्यटन विकास निगम की परिसंपत्तियों की ऑफ लाइन बुकिंग के लिए निगम ने मैसर्ज हनिगोल्ड रिट्रीटस प्राईवेट लिमिटेड के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह भी अवगत करवाया गया कि कसौली में पार्किंग सुविधा सहित 42 कमरों का होटल/पर्यटक परिसर/म्यूजियम का निर्माण किया जाएगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन वीसी फारका ने प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए एशियन विकास बैंक की सहायता से 382 करोड़ रुपये के त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में अनेक धरोहर अधोसंरचनाओं के संरक्षण, नई सुविधाएं, पार्क, कला एवं शिल्प केंद्रों और अन्य पर्यटन संबंधी गतिविधियों, जिनमें शिमला के माल रोड का सौंदर्यीकरण का कार्य भी शामिल है को गति मिलेगी।
बैठक में मुख्य सचिव पी मित्रा, प्रधान सचिव वित्त डा. श्रीकांत बाल्दी, प्रबंध निदेशक पर्यटन मोहन चौहान, प्रदेश पर्यटन विकास निगम निदेशक मंडल के सदस्य सुरेंद्र सेठी, वीरेंद्र धर्माणी, गोपाल कृष्ण महंत, रूपेश कनवाल, विजय इंद्र, कर्ण सिंह व अमरजीत सिंह सहित कई अन्य मौजूद रहे।