बरसात के दौरान प्राकृतिक आपदा से हुए भारी नुकसान के बाद सरकार ने भविष्य में इस प्रकार की आपदाओं से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। बेतरतीब निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए शिमला, चौपाल और कुल्लू में योजना क्षेत्र का विस्तार कर निर्माण पर पाबंदी लगाई गई है। शिमला शहर में 414 हेक्टेयर भूमि में 17 ग्रीन बेल्ट हैं। इस क्षेत्र की 76 फीसदी भूमि सरकारी है। सरकार ने 8 अन्य क्षेत्रों को ग्रीन जोन घोषित किया है, इनमें रिट्रीट, मशोबरा, बंद टुकड़ा एंदड़ी, शिव मंदिर एंदड़ी, ताल और गिरी, डीपीएफ खलीनी, बीसीएस मिस्ट चैंबर और परिमहल शामिल हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि शिमला के योजना क्षेत्र के ग्रीन जोन में और अधिक क्षेत्र शामिल करने के लिए विकास योजना के चैप्टर-17 में संशोधन किया गया है जिससे हरित पट्टियों की रक्षा के अलावा ग्रीन बेल्ट में मानवीय हस्तक्षेप को भी कम करने का प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू और चौपाल में भी सरकार ने बेतरतीब निर्माण को नियंत्रित करने के लिए योजना क्षेत्र के विस्तार का निर्णय लिया है। प्रदेश में हरित आवरण को बढ़ाने के लिए ई-परिवहन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।