हिमाचल पथ परिवहन निगम(एचआरटीसी) के निदेशक मंडल (बीओडी) की बैठक 18 दिसंबर को प्रस्तावित है। इसमें पीसमील वर्करों की मांग पर फैसला हो सकता है। ये वर्कर 17 दिनों से टूल डाउन हड़ताल पर हैं। अब वर्कशॉप में तैनात तकनीकी कर्मचारी भी उनके साथ हड़ताल पर चले गए हैं।
प्रदेश सरकार ने 18 दिसंबर को हिमाचल पथ परिवहन निगम(एचआरटीसी) के निदेशक मंडल (बीओडी) की बैठक बुलाई है। इसमें पीसमील वर्करों की मांग पर फैसला हो सकता है। ये वर्कर 17 दिनों से टूल डाउन हड़ताल पर हैं। अब वर्कशॉप में तैनात तकनीकी कर्मचारी भी उनके साथ हड़ताल पर चले गए हैं। ऐसे में एक हजार से ज्यादा बसें रिपेयर के लिए वर्कशॉप में खड़ी हैं। इससे करीब 200 रूट प्रभावित हो गए हैं। हालांकि, एचआरटीसी प्रबंधन ने पीस मील वर्करों और तकनीकी कर्मचारियों को हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने के लिए पत्र लिखा है।
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कहा गया है कि इनका मामला सर्विस कमेटी और सरकार से उठाया गया है। तकनीकी कर्मियों और पीस मील वर्करों का कहना है कि जब तक सरकार वर्करों को अनुबंध पर लाने से संबंधित पत्र जारी नहीं करती, तब तक वे हड़ताल जारी रखेंगे। तकनीकी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महासचिव पूर्ण चंद ने बताया कि तकनीकी कर्मचारी हर दिन 2 से 4 बजे तक हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर बार कर्मचारियों को आश्वासन देती रही है। बीओडी में अगर पीसमील वर्करों की मांग पर फैसला होता है तो ठीक है, ऐसा नहीं हुई तो हड़ताल जारी रहेगी।