फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निजी पर रोक, सरकारी स्कूल घर बैठे बच्चों से ले रहे कंप्यूटर फीस

Mon, 10 Aug 2020 11:45 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

शिक्षा विभाग के नियम भी अजब हैं। निजी स्कूलों को कोरोना संकट के चलते जहां सिर्फ ट्यूशन फीस लेने को कहा है, वहीं सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों से कंप्यूटर फीस भी वसूली जा रही है। स्कूल बंद होने से कंप्यूटर विषय प्रैक्टिकल के तौर पर पढ़ाया नहीं जा रहा है। इसके बावजूद नवीं से जमा दो कक्षा के हजारों विद्यार्थियों से 110 रुपये और एससी/ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों से 55 रुपये प्रति माह फीस ली जा रही है। इससे अभिभावकों में रोष है, तो प्रदेश पीजीटी आईपी संघ ने भी रोष जताया है। 

विज्ञापन


संघ के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम, महासचिव रंजीत आदि ने कहा है कि कोरोना संकट के बीच कई लोगों की आय के साधन सीमित हो गए हैं। सरकारी स्कूलों में ज्यादातर गरीबों के बच्चे पढ़ते हैं जो कंप्यूटर शिक्षा ग्रहण करना तो चाहते हैं, लेकिन फीस देने में असमर्थ हैं। फीस की वजह से बच्चेे कंप्यूटर विषय छोड़ने पर मजबूर हैं।

उधर, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा ने कहा कि कंप्यूटर शिक्षक आउटसोर्स पर रखे हैं। नाइलेट कंपनी को शिक्षकों के वेतन के लिए पैसा देना पड़ता है। सरकार सालाना 19 करोड़ वेतन देती है। फीस से आठ करोड़ एकत्र होता है। बीते महीनों में कंप्यूटर फीस नहीं ली गई। इसके बावजूद शिक्षकों को वेतन दिया। अगर फीस जमा नहीं होगी तो सरकार भी ग्रांट नहीं देगी। इससे वेतन देना मुश्किल होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें