हिमाचल में रोपवे बनाने आसान होगा। प्रदेश सरकार ने रोपवे बनाने के नियमों को सरल कर दिया है। अब रोपवे बनाने वाली कंपनियों से सरकार सात साल तक एक भी पैसा नहीं लेगी। यह फैसला इसलिए लिया गया कि हिमाचल में कंपनियां रोपवे बनाने को ज्यादा रुचि नहीं ले रही है। वीरवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में नियमों को सरल करने को मंजूरी दी गई।
सरकार ने फैसला लिया है कि अगर कोई व्यक्ति किसी इलाके में रोपवे बनाना चाहता है तो वह सरकार से सिफारिश कर सकता है। सरकार की ओर से इस प्रस्ताव को विंडिंग में डाला जाएगा। सरकार बताएगी कि उसे उक्त राशि में यह रोपवे का निर्माण करना होगा। लोग खुद भी रोपवे बनाने के लिए स्थान चुन सकते हैं।
इसके अलावा कैबिनेट में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने का फैसला लिया गया। मुख्य सचिव इसके चेयरमैन होंगे जबकि वन, पर्यटन, राजस्व विभाग के सचिव इसके सदस्य होंगे। यह कमेटी एनओसी दिलाने में मदद करेगी।
प्रदेश सरकार ने हिमाचल में 13 नए रोपवे बनाने का फैसला लिया है। यह रोपवे शिकारी देवी, नारकंडा स्थिति हाटू, चाशल, पालमपुर, शाहतलाई आदि स्थानों पर बनाए जाएंगे।
सरकार ने रोपवे बनाने पर आगामी 2 साल में पर्यटन को विकसित करने के लिए 800 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला लिया है। कैबिनेट में चर्चा हुई कि हिमाचल में पर्यटन आमदानी का जरिया नहीं बल्कि प्रदेश को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करना होगा।