प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कुंजी (गाइड) लाने पर रोक लगा दी गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी कर कार्रवाई करने को कहा है। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में निरीक्षण के दौरान अगर विद्यार्थी या शिक्षक के पास कुंजी मिली तो प्रिंसिपल पर कार्रवाई होगी।
कुंजी सेे सवालों के जवाब लिखने और पढ़ाने पर भी शिक्षा निदेशालय ने प्रतिबंध लगा दिया है। निदेशालय ने स्कूलों में सिर्फ एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाने के आदेश दिए हैं।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के कुछ स्कूलों के निरीक्षण के दौरान पाया कि विद्यार्र्थी स्कूलों में कुंजी लेकर आ रहे हैं। कॉपियों में कुंजी में लिखे सवालों के जवाब जस के तस लिखे जा रहे हैं। कई शिक्षक भी स्कूलों में कुंजी से पढ़ा रहे हैं।
निदेशालय ने इस तरह के मामलों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी कर प्राइमरी, मिडल, सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूलों में कुंजी लाने पर रोक लगाने को कहा है।
संबंधित अधिकारियों को सभी स्कूलों को निदेशालय के आदेशों से अवगत करवाने को कहा गया है। निदेशालय ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर स्कूलों के निरीक्षण के दौरान किसी विद्यार्थी के पास कुंजी पाई गई तो स्कूल प्रिंसिपल और संबंधित शिक्षक पर कार्रवाई होगी।
निदेशालय ने स्कूली बच्चों को भी कुंजी में लिखे सवालों के जवाबों को हूबहू नहीं लिखने की हिदायत दी है। निदेशालय के अफसरों का मानना है कि कुंजी को मदद के लिए प्रयोग करने के बजाए नकल के लिए प्रयोग किया जा रहा है। विद्यार्थियों द्वारा कुंजी से जवाब लिखने के चलते उनकी बौद्धिक क्षमता नहीं बढ़ रही है।