बता दें कि 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में कर्नल इंद्र सिंह और जवाहर ठाकुर को छोड़कर बाकी सभी ने टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ा था। अब सभी की नजरें लोकसभा चुनावों पर टिकी हैं। भाजपा या कांग्रेस में से जो भी दल इन्हें रिझाने में कामयाब हो जाता है, यह अपने समर्थकों सहित उनके साथ जा सकते हैं। दूसरी तरफ देखें तो भाजपा ने कांग्रेस के बागियों को तो शरण दे दी है, लेकिन अपनी ही पार्टी से बागी हुए इन लोगों की तरफ अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया है। जानकारी है कि यह बागी मिलकर अपने किसी प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतार सकते हैं। इस बारे में पूर्व विधायक जवाहर ठाकुर बैठक करने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में क्या करना है, इसे लेकर सभी के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है। चर्चा के बाद ही आगामी निर्णय लिया जाएगा।