हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर सदर से कांग्रेस का टिकट नहीं मिला तो बंबर ठाकुर घुमारवीं से बतौर आजाद प्रत्याशी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। यह बात औहर में बंबर ठाकुर के घर पर पंचायत स्तर की बैठक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कही। घुमारवीं से कांग्रेस टिकट के प्रबल दावेदारों में राजेश धर्माणी का नाम है। हालांकि, स्क्रीनिंग कमेटी ने बंबर का नाम फिलहाल पैनल से बाहर रखा है, लेकिन वह चुनावी अभियान के तहत लोगों से मिलकर जनसभाएं कर रहे हैं। जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य आईडी शर्मा, कार्यकर्ता बशीरदीन, पूर्व बीडीसी सदस्य सतीश शर्मा और एडवोकेट प्रवीण शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता बंबर ठाकुर के खिलाफ षड्यंत्र रचकर जगत प्रकाश नड्डा के बेटे को लाभ पहुंचाने की नीयत से साजिश रच रहे हैं।
कहा कि इस बार सदर चुनाव क्षेत्र से जेपी नड्डा भी पुत्र मोह में फंस गए हैं। पुत्र को राजनीति में लाकर चुनाव लड़ाना चाहते हैं। इसमें कांग्रेस के कुछ नेता साथ दे रहे हैं। यदि ऐसा होता है तो बंबर ठाकुर को घुमारवीं चुनाव क्षेत्र से आजाद लड़ाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। बंबर ठाकुर ने कहा कि उन्हें हाईकमान पर पूरा भरोसा है। सर्वे के मुताबिक भी सबसे आगे हैं। वहीं, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव राजेश धर्माणी ने कहा कि बंबर ठाकुर ने अपने घर पर बैठक करवाई। खुद घुमारवीं से आजाद उम्मीदवार के तौर पर लड़ने की बात की तो उन्हें बयान भी खुद ही जारी करना चाहिए था। कहा कि बंबर का टिकट उनके कारनामों के कारण कट रहा है। आत्महत्या के लिए युवक को विवश करने का वीडियो और चरस के साथ उनके बेटे और गाड़ी का पकड़ा जाना बड़ा मामला है। अन्य कई आपराधिक मामले उन पर दर्ज हैं। कहा कि जिस बैठक की बात बंबर कर रहे हैं, उसमें कांग्रेस के कम और भाजपा के कार्यकर्ता ज्यादा थे। वह चुनाव जहां मर्जी से लड़ें, इसके लिए स्वतंत्र हैं।