हिमाचल प्रदेश में रविवार को तीन और कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो गई है। मंडी में 82, 85 व 57 वर्षीय संक्रमित महिलाओं ने दम तोड़ दिया। वहीं, प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कोविड-19 के 112 नए मामले आए हैं। प्रदेश में कोरोना मृतकों का आंकड़ा 3653 पहुंच गया है। अब तक कोरोना के 218314 मामले आ चुके हैं। इनमें से 212899 ठीक हो चुके हैं। कोरोना सक्रिय मामले 1746 रह गए हैं। इसमें से बिलासपुर जिले में 147, चंबा 21, हमीरपुर 404, कांगड़ा 505, किन्नौर 25, कुल्लू 40, लाहौल-स्पीति छह, मंडी 341, शिमला 154, सिरमौर पांच, सोलन 19 और ऊना में 79 सक्रिय मामले हैं। बीते 24 घंटों के दौरान 163 मरीज ठीक हुए हैं और कोरोना की जांच के लिए 4454 लोगों के सैंपल लिए गए।
कोरोना काल के दौरान आशा की किरण बनीं आशा वर्कर
वहीं, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. राजीव सैजल ने रविवार को नरसिंह सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध हिमाचल प्रदेश आशा कार्यकर्ता संघ के प्रथम अधिवेशन के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर राज्यसभा के पूर्व सांसद कृपाल परमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दो दिवसीय अधिवेशन में लगभग 500 आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के कारण जहां लोग अपने घरों में बंद थे, तब आशा वर्कर सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पूरे समर्पण और सेवाभाव से मानवता की सेवा की है।
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उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में आशा कार्यकर्ता लोगों के लिए आशा की नई किरण बनकर उभरी हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने उनके मानदेय को समय-समय पर बढ़ाया है। उन्होंने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरा मेडिकल स्टाफ, पुलिस, सफाई कर्मियों तथा समाज के सभी वर्गों द्वारा कोविड संकटकाल के दौरान दिए गए योगदान की जमकर तारीफ की। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को शीघ्र ही शिमला में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय अधिवेशन आयोजित करने का भी भरोसा दिया। सैजल ने आशा वर्करों को उत्तराखंड की तर्ज पर मानदेय देने की मांग पर कहा कि वह संबंधित राज्य सरकार से आशा कार्यकर्ताओं के लिए बनाई गई नीति का पूरा अध्ययन करेंगे।