फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांग्रेस ने किया प्रदर्शन: विक्रमादित्य बोले- पुलिस भर्ती परीक्षा रद्द होने की शाम को मंत्री और डीजीपी ने डाली नाटी

Sun, 08 May 2022 06:17 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

धर्मशाला विधानसभा के बाहर खालिस्तानी झंडे और पोस्टर लगाने पर भड़की कांग्रेस ने रविवार दोपहर उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
शिमला में डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिमला ग्रामीण से कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होता है, परीक्षा रद्द होती है, उसी रोज शाम को भाजपा के एक मंत्री और डीजीपी नाटी डालते हैं। इससे स्पष्ट है कि सरकार और अफसर कितने गंभीर हैं। उन्होंने सरकार से अराजकता फैलाने की हो रहीं कोशिशों को नाकाम करने के लिए कदम उठाने और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त करवाई करने की मांग की। यदि प्रदेश की पुलिस इसमें सक्षम नहीं है तो इसकी सीबीआई या एनआईए से जांच करवाई जाए। 

विज्ञापन


कांग्रेस ने फूंके खालिस्तान के झंडे, उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
धर्मशाला विधानसभा के बाहर खालिस्तानी झंडे और पोस्टर लगाने पर भड़की कांग्रेस ने रविवार दोपहर उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस के विधायक विक्रमादित्य सिंह की अगुवाई में जुटे कार्यकर्ताओं और कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए और खालिस्तान के झंडे फूंके।

कार्यकर्ताओं ने देश के शांत माहौल को खराब करने की रची जा रही साजिशों के खिलाफ नारेबाजी की। शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह,  शहरी कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी सहित प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं ने इस मामले की एनआईए से जांच करवाने की सरकार से मांग की। उन्होंने इस घटना को सुरक्षा में बड़ी चूक करार दिया। वहीं इस घटना को लोगों का महंगाई, पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले से ध्यान भटकाने के उद्देश्य से रची साजिश की आशंका भी जताई। 
विज्ञापन


विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विधानसभा परिसर में खालिस्तानी झंडे लगाने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि हिमाचल में शांत और देव संस्कृति को मानने वाले लोग हैं। पिछले 2 साल से जिस तरह से प्रदेश में अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले।  खालिस्तान समर्थकों को 29 अप्रैल को तिरंगा यात्रा निकालकर जवाब दे दिया है।  उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि ऐसी घटनाओं को लेकर सिर्फ बयान और नसीहत देना काफी नहीं है। सरकार गंभीर हो और इसकी जांच करवाकर पता लगाए कि इन सबके पीछे कौन है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें