हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर
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हिमाचल प्रदेश में एक मंडी संसदीय सहित जुब्बल-कोटखाई, अर्की और फतेहपुर विधानसभा की तीन सीटें उपचुनाव कांग्रेस की झोली में डालने के बाद प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने पार्टी में अपने विरोधियों को चित कर दिया है। कांग्रेस के जो नेता यह मानकर चल रहे थे पार्टी में प्रदेशाध्यक्ष राठौर की पकड़ कमजोर है, उनको भी अब सबक मिल गया है।
हाईकमान के पास भी राठौर का रिपोर्ट कार्ड पहुंचाया जा चुका है। जीत से एक और बात यह भी साफ हो गई है कि संगठन पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए यह जरूरी नहीं है कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़े नेता ही पार्टी को संभाल सकते हैं। इन चारों सीटों में कांग्रेस की जीत के बाद से वर्ष 2022 के लिए राठौर के नेतृत्व की विधानसभा चुनाव कराने की बुनियाद अधिक मजबूत हुई है।
पार्टी के जो नेता प्रदेशाध्यक्ष के नेतृत्व को लेकर कई तरह से सवाल उठाते रहे हैं। उनके उठाए सवालों का जवाब इस बार के उपचुनाव से मिल गया है। प्रदेशाध्यक्ष के बेहतरीन रिपोर्ट कार्ड को अब हाईकमान भी उन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकता। इस जीत से राठौर का हौसला भी काफी बढ़ेगा और वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को अधिक मजबूती मिलेगी।