मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास जो संसाधन और फंड होंगे, उसे ध्यान में रखकर ही जमीन अधिग्रहण के लिए पैसा लगाया जा रहा है। पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि केंद्र सरकार की ओर से कोई प्रोजेक्ट आ रहा है तो उसकी स्टेज क्या है, उसकी फाइनल स्वीकृति क्या है। उसे देखकर ही जमीन अधिगृहीत हो सकती है। केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के सरकार की ओर से जमीन न देने से कई प्रोजेक्ट लटके होने की बात पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे।
सीएम ने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को लेकर प्रदेश सरकार जमीन अधिग्रहण का कार्य करने के लिए तैयार है। सारा मामला केंद्र सरकार के वित्त आयोग के सामने रखकर पैसे की मांग की गई है। इस पर फाइनांस कमीशन इन प्रिंसिपल ने एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए चार सौ करोड़ रुपये की मांग को जायज बताया है। कहा कि भानुपल्ली से लेकर बैरी रेलवे लाइन के लिए पिछले साढ़े तीन सालों में प्रदेश सरकार तीन सौ करोड़ रुपये से अधिक दे चुकी है।
मंडी एयरपोर्ट की बात करें तो मंडी में बड़ा एयरपोर्ट बनना है। इसके लिए ओवरलेस और रडार सर्वे हो चुका है। राज्य सरकार ने जो राशि देनी थी, वह दे दी है। जमीन का अधिग्रहण कार्य तकनीकी चीजें पूरी होने के बाद किया जाता है। पूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जमीन अधिग्रहण का कार्य शुरू होगा। मुख्यमंत्री शहरी रोजगार योजना गारंटी के लिए मनरेगा की तर्ज पर एक्ट ला सकते हैं। इस योजना को भी पूरे देश में लागू करने वाला हिमाचल ही पहला राज्य है। इस मौके पर वूल फेडरेशन के अध्यक्ष त्रिलोक कपूर भी मौजूद रहे।