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हिमाचल: मांगों के लिए आर-पार की लड़ाई, शिमला में 1 सितंबर को जुटेंगे 25 हजार पेंशनर

Sun, 30 Aug 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

प्रदेश के पेंशनरों ने अपनी लंबित वित्तीय देनदारियों के भुगतान को लेकर सरकार के खिलाफ निर्णायक आंदोलन का एलान कर दिया है।
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पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के पेंशनरों ने अपनी लंबित वित्तीय देनदारियों के भुगतान को लेकर सरकार के खिलाफ निर्णायक आंदोलन का एलान कर दिया है। पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले हुई बैठक में हमारा पैसा, हमारा हक के नारे के साथ आंदोलन के तीसरे चरण की शुरुआत की गई है। समिति ने 1 सितंबर को शिमला में प्रस्तावित प्रदर्शन में प्रदेशभर से करीब 25 हजार पेंशनरों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। समिति के अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा ने बताया कि 1 सितंबर को आंबेडकर चौक चौड़ा मैदान में विशाल विरोध प्रदर्शन और रैली होगी।

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इन वित्तीय देनदारियों के भुगतान नहीं होने से बढ़ा रोष
इसके लिए संगठन ने जिला स्तर पर भीड़ जुटाने का लक्ष्य तय किया है। प्रत्येक जिले से करीब दो हजार पेंशनरों को शिमला पहुंचने का अनुमान है। समिति का कहना है कि पेंशनरों का यह आंदोलन किसी अतिरिक्त सुविधा या सरकार से एहसान मांगने के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय से लंबित अर्जित वित्तीय अधिकारों की मांग को लेकर है। पेंशनरों की सबसे प्रमुख मांग वर्ष 2016 से अब तक लंबित महंगाई भत्ते (डीए) के एरियर का भुगतान है। इसके साथ ही संशोधित वेतनमान के बकाया की पूरी राशि एकमुश्त जारी करने की मांग की गई है। पेंशनरों का आरोप है कि इन वित्तीय देनदारियों के भुगतान में लंबे समय से देरी हो रही है, इससे प्रदेशभर के सेवानिवृत्त कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है।

चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लंबित बिलों का भुगतान भी जल्द करने की मांग
चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लंबित बिलों का भी जल्द भुगतान करने की मांग उठाई गई है। समिति ने कहा कि पेंशनरों से संबंधित अन्य सभी लंबित वित्तीय देनदारियों का भी तत्काल निपटारा किया जाना चाहिए। संगठन ने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समिति ने प्रदेशभर के पेंशनरों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों से एक सितंबर को अपने परिजनों के साथ शिमला पहुंचने की अपील की है। पदाधिकारियों ने एकजुट पेंशनर, मजबूत संघर्ष का आह्वान करते हुए कहा कि लगातार अनदेखी के कारण अब आंदोलन को निर्णायक स्तर तक ले जाने का फैसला लिया गया है। पेंशनरों ने कहा कि वित्तीय हकों की प्राप्ति तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

बिजली कर्मचारी यूनियन 2 सितंबर को  करेगी विधानसभा घेराव 
हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड एम्प्लाइज यूनियन (एचपीएसईबीएल) ने दो सितंबर को प्रदेश स्तरीय हड़ताल और विधानसभा घेराव को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी है। एचपीएसईबीएल डिवीजन घुमारवीं कार्यालय में यूनियन की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला बिलासपुर प्रधान एवं राज्य मुख्य सलाहकार यशवंत चौहान बिट्टू ने की। बैठक में आंदोलन की तैयारियों और कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर चर्चा की गई। यशवंत ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर यूनियन लंबे समय से सरकार और बिजली बोर्ड प्रबंधन के समक्ष आवाज उठा रही है। मांगों के समाधान को लेकर अपेक्षित कार्रवाई न होने के कारण अब प्रदेश स्तर पर आंदोलन का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट होकर दो सितंबर को अधिक से अधिक संख्या में शिमला पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के माध्यम से कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को सरकार और बिजली बोर्ड प्रबंधन के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।
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यूनियन की यह है प्रमुख मांग
मुख्यमंत्री की घोषणाओं को लागू करना, पदोन्नति पर कैडर-कंट्रोलिंग अथॉरिटी बनाना, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाना, सेवानिवृत्ति लाभों का समयबद्ध भुगतान करना, ताज मोहम्मद मामले में न्यायालय के फैसले को लागू करना, स्मार्ट मीटर नीति की समीक्षा करना, नॉन-आईटीआई फील्ड स्टाफ की पदोन्नति में भेदभाव समाप्त करना और शिमला-2 में एएलएम-एलएम पदों का सृजन करना शामिल है। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि मांगपत्र पहले ही सरकार और बिजली बोर्ड के शीर्ष प्रबंधन को सौंपा जा चुका है। इसके बावजूद मांगों के समाधान का नहीं हुआ। बिलासपुर जिला इकाई ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए सेक्शन, डिवीजन और सब-डिविजन स्तर पर संपर्क अभियान तेज कर दिया है। यूनियन पदाधिकारी कर्मचारियों से संपर्क कर उन्हें आंदोलन के उद्देश्य और मांगों की जानकारी दे रहे हैं। डिवीजन घुमारवीं के एक्सईएन करण चंदेल भी बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रहे। बिलासपुर यूनिट की ओर से ज्वाइंट सेक्रेटरी जोगिंदर डोगरा, वरिष्ठ उपप्रधान सुरेंद्र चौधरी, देश राज, शशि, भूमि चंद, विजय, आदर्श और महिला टीम से अनसूया समेत अन्य यूनियन पदाधिकारियों ने भाग लिया।
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