हिलोपा नेता महेश्वर सिंह मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से नाराज हो गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान का खुलकर विरोध भी किया है। महेश्वर मुख्यमंत्री के उस बयान से आहत हैं, जिसमें उन्होंने रघुनाथ मंदिर को सरकारी संरक्षण में लाने की बात कही थी। मुख्यमंत्री ने हिलोपा प्रमुख महेश्वर सिंह को भी इसमें सहयोग करने की सलाह दी थी। महेश्वर सिंह ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री ने जानबूझकर ऐसी बयानबाजी की है।
उन्होंने कहा कि रघुनाथ मंदिर राज परिवार की निजी संपत्ति है और रघुनाथ महाराज राज परिवार के अराध्य देवता हैं। मंदिर आज भी आम जनता के लिए चारों पहर खुला रहता है, लेकिन हिमाचल सरकार के अधीन आज भी कई ऐसे मंदिर हैं जो सरकारी संरक्षण में हैं और उनके द्वार आम जनता के लिए नहीं खोले जाते।
'हम किसी भी हद तक जाने को तैयार'
उन्होंने साफ किया कि अगर मुख्यमंत्री अपनी बात पर अड़े रहे तो समस्त कुल्लू जिला की जनता रघुनाथ को सरकारी संरक्षण में नहीं जाने देगी। इसके लिए वे कि सी भी स्तर तक जा सकते हैं। हिमाचल लोकहित पार्टी के मुख्य प्रवक्ता महेंद्र नाथ सोफत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाबू राम मंडयाल, वरिष्ठ महामंत्री श्यामा शर्मा, डॉ. धर्म चंद गुलेरिया।
प्रवक्ता शिमला संसदीय क्षेत्र देश बंधू सूद, जिला शिमला अध्यक्ष श्याम लाल पिरटा, युवा सेना अध्यक्ष गौरव शर्मा, युवा सेना महामंत्री दीपक मांटा, राज्य कार्यकारिणी सदस्य हरीश गुलेरिया व पीयूष शर्मा ने भी मुख्यमंत्री के इस बयान का विरोध किया। कहा कि देव परंपरा को बचाने के लिए समस्त कार्यकर्ता महेश्वर सिंह के साथ हैं।