राज्यों के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों पर हायर एजूकेशन काउंसिल का नियंत्रण रहेगा। शिक्षण संस्थानों में बोर्ड ऑफ गवर्नेंस और प्रोजेक्ट मानीटरिंग यूनिट गठित होंगे। काउंसिल में चेयरमैन के अलावा मुख्य कार्यकारी, स्टेट प्रोजेक्ट आफिसर सहित 10 से 25 सदस्य होंगे।
स्वास्थ्य शिक्षा, इंजीनियरिंग शिक्षा, नर्सिंग शिक्षा, आर्किटेक्चर शिक्षा, विधि शिक्षा और तकनीकी शिक्षा देने वाले शिक्षण संस्थानों को भी काउंसिल के दायरे में लाया जाएगा।
हायर एजूकेशन काउंसिल के ये होंगे कार्य
- प्रदेश में रूसा के क्रियान्वयन को लेकर रणनीति और योजना तैयार करना।
- मूल्यांकन और निगरानी करना।
- शैक्षणिक सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण तरीके से मुहैया करवाना।
- दिशा-निर्देश और सलाह देना।
- रूसा के तहत फंडिंग कार्य करना।