हाई कोर्ट ने डीएफओ शिमला की सिफारिश पर शिमला शहर में 300 से अधिक खतरनाक और सूखे पेड़ों को काटने पर हाई कोर्ट द्वारा लगाई रोक को 27 अक्तूबर तक बढ़ाने के आदेश दिए हैं।
अदालत के आदेशों के अनुसार डीएफओ शिमला की सिफारिश पर शिमला शहर में 300 से अधिक खतरनाक और सूखे पेड़ों को काटने बारे प्रधान मुख्य अरण्यपाल द्वारा दायर रिपोर्ट को अदालत ने नकारते हुए कहा कि अदालत कभी भी प्रधान मुख्य अरण्यपाल की रिपोर्ट पर विश्वास नहीं करेगी।
अदालत ने वन निगम के एमडी को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करते हुए आदेश दिए कि वह 48 घंटे के भीतर मौके का मुआयना करें और अदालत के समक्ष रिपोर्ट पेश करें।
गौरतलब है कि अभिमन्यु राठौर द्वारा जनहित में दायर याचिका में अदालत ने प्रधान मुख्य अरण्यपाल को आदेश दिए थे कि मौके का मुआयना करें और अदालत के समक्ष रिपोर्ट पेश करें।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि शिमला की सिफारिश पर शिमला शहर में 300 से अधिक स्वस्थ पेड़ काटे जा रहे है।