फर्जी वोटरों के दम पर चुनाव जीतने की मंशा पर आपत्ति दर्ज करवाने वाली याचिका में प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने बद्दी (सोलन) निवासी दीवान चंद की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के दौरान शहरी विकास विभाग के सचिव और निदेशक, जिलाधीश सोलन एवं राज्य निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है।
प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद बद्दी के लिए होने वाले चुनाव के लिए फर्जी वोटर तैयार किए गए हैं। मात्र रेंट एग्रीमेंट के आधार पर उत्तर प्रदेश और बिहार से आए अस्थायी मजदूरों के वोट तैयार किए जा रहे हैं। यही कारण है कि जहां उक्त क्षेत्र में वोटरों की संख्या 3200 से 3500 के बीच होनी थी, वे अब 11 हजार के करीब हो गई। केवल 19 दिसंबर से 21 दिसंबर तक 4000 से 5000 तक वोटरों की संख्या में इजाफा हुआ।
इस बारे में प्रार्थी ने पत्र के माध्यम से सक्षम अधिकारियों को भी अवगत करवाया, मगर कोई कार्यवाही न होने पर उसे याचिका दायर करनी पड़ी। प्रार्थी ने फर्जी वोट बनाने के तरीके को स्पष्ट करते हुए बताया है कि लोग एक ही दिन में रेंट एग्रीमेंट तैयार कर रहे हैं और उसी दिन बैंक में खाता खुलवा रहे हैं और उन दस्तावेजों के आधार पर अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज करवा रहे हैं।
यहां सब कानून के प्रावधानों को दरकिनार कर किया जा रहा है। प्रार्थी ने हिमाचल प्रदेश म्यूनिसिपल काउंसिल रूल्स के नियम 28 के तहत उस प्रावधान को निरस्त करने का आग्रह किया है, जिसके तहत फर्जी वोटर के खिलाफ आपत्ति दर्ज करने के लिए बहुत कम समय दिया है। मामले पर सुनवाई 16 मार्च को होगी।