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अच्छी खबर: अब पहले से कम आएगा पानी का बिल

Wed, 30 Dec 2015 10:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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राजधानी शिमला के लोगों से नगर निगम पानी के बिलों पर 15 फीसदी की दर से सीवरेज सेस वसूलेगा। नगर निगम एक बार फिर प्रदेश सरकार को हाउस का प्रस्ताव भेजकर 50 फीसदी सीवरेज सेस वसूली के आदेश वापस लेन का आग्रह करेगा। इस मुद्दे पर जब तक प्रदेश सरकार का पक्ष स्पष्ट नहीं होता तब तक नए बिल जारी करने पर रोक लगा दी गई है।
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मंगलवार को नगर निगम की मासिक बैठक के दौरान सीवरेज सेस के मुद्दे पर जोरदार हंगामे के बाद यह निर्णय लिया है। इससे पहले बैठक के दौरान सीवरेज सेस पर सदन में एकराय न बनती देख बैठक की अध्यक्षता कर रहे निगम के डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने हाउस के दौरान ही नगर निगम की एफसीपीसी की आपात बैठक बुलाई। करीब पौने घंटे चली बैठक के बाद शहर में 15 फीसदी की दर से सीवरेज सेस वसूलने का निर्णय लिया गया।

सीवरेज सेस पर चर्चा की शुरुआत विधायक सुरेश भारद्वाज ने की। उन्होंने सवाल उठाया कि 2005 में 50 फीसदी सेस को लेकर अधिसूचना जारी हुई थी लेकिन दस साल बाद अब इसे लागू क्यों करना पड़ रहा है। नगर निगम के हाउस के पास पर्याप्त अधिकार है तो फिर आईपीएच की नोटिफिकेशन लागू करने की आखिर क्या मजबूरी है? विधायक ने सदन के फैसले के आधार पर 15 फीसदी सेस लागू करने की बात कही।
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पार्षद शशि शेखर चिन्नू और सुरेंद्र चौहान ने कहा कि हाउस के फैसले को फिर से सरकार के पास ले जाना चाहिए। सुशांत कपरेट ने कहा कि हाउस ने पहले ही 15 फीसदी सेस तय कर लिया था तो फिर प्रशासन ने 50 फीसदी के हिसाब से बिल जारी क्यों किए गए?

पार्किंग की भी मिलेगी सुविधा
पार्किंग की किल्लत से जूझ रहे शहर के लोगों को रहात दिलाने के लिए नगर निगम ने नई पार्किंग पालिसी बनाने का फैसला लिया है। एक हफ्ते के भीतर नगर निगम की जनरल फंक्शन कमेटी की बैठक आयोजित कर पार्किंग पालिसी का प्रारूप तय किया जाएगा। हाउस में सर्कुलर रोड पर चिन्हित की गई 845 गाड़ियों की पेड पार्किंग का काम अवार्ड करने पर फिलहाल रोक लगाने का फैसला लिया गया है। मंगलवार को नगर निगम की मासिक बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता नगर निगम के उपमहापौर टिकेंद्र सिंह पंवर ने की।

टिकेंद्र पंवर ने बताया कि वार्ड स्तर पर पार्षदों की अगुवाई में स्थानीय रेजिडेंट एसोसिएशन के सदस्यों के सहयोग से येलो लाइन पार्किंग के लिए स्थान चिन्हित किए जाएंगे। सभी पार्किंगों में गाड़ी खड़ी करने के एवज में शुल्क वसूला जाएगा, जिसकी दरें बहुत कम होंगी। पार्किंगों में गाड़ी खड़ी करने के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए बाकायदा पार्किंग संचालक के साथ एग्रीमेंट में शर्त लगाई जाएगी। दूसरे चरण में टुट और पंथाघाटी सहित पूरे शहर को येलो लाइन पेड पार्किंग के दायरे में लाया जाएगा। शहर में पिछले कई सालों से जो लोग सड़क किनारे येलो लाइन पार्किंग में गाड़ी पार्क कर रहे हैं, उन्हें उसी जगह पर गाड़ी पार्क करने की अनुमति दी जाएगी।
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