हाईकोर्ट ने कथित धर्मशाला गैंगरेप मामले की याचिका खारिज कर दी है। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने याचिका को बिना नोटिस के खारिज कर दी।
कोर्ट ने कहा कि दोनों याचिकाकर्ता अनुराग शर्मा और राकेश कुमार एक ओर तो खुद को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का नेता कहते हैं। स्वयं को जनहितैशी भी कहते हैं। कोर्ट के अनुसार वास्तव में दोनों अपने विरोधी राजनीतिक नेताओं के खिलाफ किसी कार्यवाही की अपेक्षा रखते हैं।
जो किसी भी लिहाज से जनहितैशी कार्य नहीं है। कोर्ट ने पाया कि यह मामला कोर्ट की नजर में आ गया है। यदि मामला बनता है तो आपराधिक संहिता के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। कोर्ट ने याचिका का अवलोकन करने पर पाया कि याचिका में कोई ऐसा आधार नहीं है, जो यह तय करे कि यह वास्तव में जनहितैशी याचिका है।