मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डाॅ. मनमोहन सिंह ने इसकी पुष्टि की। मंगलवार को भी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में दिन भर रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा।
मंगलवार को शिमला में खराब मौसम के चलते दिल्ली से फ्लाइट भी नहीं आ सकी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक प्रदेश में जमकर बादल बरसे।
शिमला शहर में 119, धर्मपुर में 109, बरठीं में 93, झंडूता में 85, भरवाईं में 74, पच्छाद में 72, बैजनाथ में 68, बिलासपुर में 65, कसौली में 60, अर्की में 52, मंडी में 45 और नैणादेवी में 40 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड हुई। प्रदेश के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज हुई।
मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 27.0, धर्मशाला में 25.8, कांगड़ा में 25.2, चंबा में 24.9, सुंदरनगर में 24.2, हमीरपुर में 23.7, सोलन में 22.2, शिमला में 20.0 और कल्पा में 16.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
विश्व धरोहर कालका-शिमला मार्ग पर भारी बरसात ने ट्रेनों की रफ्तार रोक दी है। हेरिटेज मार्ग पर मंगलवार सुबह बड़ोग के समीप ट्रैक पर गिरे मलबे के कारण ट्रेन करीब दो घंटे तक रोकनी पड़ी। इससे मुसाफिरों को परेशानियां झेलनी पड़ीं।
जिला कुल्लू में दो दिनों से हो रही बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। घाटी के एक दर्जन से अधिक रूट प्रभावित हो गए हैं। रामपुर, किन्नौर, आनी और रोहडू में बारिश से लोगों ने गर्मी से थोड़ी राहत पाई है।
जिला सिरमौर में बारिश की वजह से पांवटा साहिब में जल भराव हो गया है। नेशनल हाईवे पर भी जगह-जगह मलबा गिरा है। जिला सोलन में सुबह के समय हुई बारिश के चलते स्कूली बच्चों को स्कूल तक पहुंचने में दिक्क्तों का सामना करना पड़ा। राजधानी शिमला में भी दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने का दौर जारी रहा।