सहयोग न मिलने से खफा खली ने फाइट को ओपन कर दिया है। दर्शकों को अब टिकट के पैसे नहीं देने पड़ेंगे। हालांकि सोशल मीडिया पर विवाद के चलते खली ने महिलाओं की फाइट नहीं कराने का निर्णय लिया है। फिर भी संशय बरकरार है।
खली ने खुद भी रिंग में उतरने से पहले तो इंकार कर दिया था, लेकिन मंगलवार को उन्होंने कहा कि मौके पर देखा जाएगा कि फाइट करेंगे या नहीं। खेल मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि खली समय आने पर छक्का मार सकते हैं। सरकार स्पोर्ट करेगी।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इस फाइट का शुभारंभ करेंगे। मंगलवार को पड्डल मैदान में आयोजक रिंग तैयार करने में जुटे रहे। स्टेज तक रेसलरों के पहुंचने के लिए खेल परिसर से रास्ता बनाया जा रहा है।
बारिश के चलते मंगलवार को काम प्रभावित हुआ। पड्डल मैदान को सुरक्षा की दृष्टि से छह सेक्टर में बांटा गया है। मीडिया के सवाल पर ग्रेट खली ने कहा कि रिंग में लड़ाई आसान नहीं होती, लेकिन बड़े-बड़े सूरमाओं को हराया है।
रिंग से बाहर की राजनीति मुझे नहीं आती है। सोमवार को सरकार से आहत दिखे खली मंगलवार को अलग अंदाज में नजर आए। वह विदेशी रेसलर के साथ मंत्री की प्रेस वार्ता में पहुंच गए। खली ने कहा कि अभी यह तय नहीं है कि महिला रेलसर रिंग में उतरेंगी या नहीं।
प्रेस वार्ता के दौरान खेल मंत्री ने रेसलिंग शो के लिए खली को रिंग में उतरने के लिए राजी करने के प्रयास किए, लेकिन बकौल खली अभी यह तय नहीं कि वह रिंग में उतरेंगे या नहीं। बता दें कि बीते दिनों सहयोग न मिलने पर खफा खली सोमवार देर शाम समर्थन मांगने मंडी की सड़कों पर उतर आए।